Struggling bypasses, Magh Mela settlement started
प्रयागराज। एलएलएम छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी पूर्व गृह राज्य मंत्री चिन्मयानंद को हाईकोर्ट ने पीड़िता के बयान की प्रति मुहैया कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज पीड़िता के बयान की सत्यापित प्रति दिए जाने का निर्देश दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहारनपुर ने पीड़िता के बयान की प्रति देने से इंकार करते हुए चिन्मयानंद की अर्जी खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को रद्द कर दिया है।
यह देश न्यायमूर्ति डीके सिंह ने स्वामी चिन्मयानंद की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली छात्रा ने मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया है। इसकी प्रति अब तक चिन्मयानंद को उपलब्ध नहीं कराई गई थी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहारनपुर की अदालत में पीड़िता का बयान दर्ज किया गया था। चिन्यमानंद ने इसकी प्रति मांगी थी, मगर उनकी अर्जी खारिज कर दी गई तो उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।