होली के हुड़दंग के बीच शहर के तकरीबन सभी हिस्सों में कूड़े का अंबार लग गया। दो दिन छुट्टी के कारण शहर में सफाई व्यवस्था ठप रही। नतीजा रहा कि शहर की हर सड़क, गली कूडे़ से पटी रही। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद डंपिंग ग्राउंड पर पहुंचा कूड़ा भी दो दिन से नहीं उठा। कई इलाकों में इससे उठती दुर्गंध ने त्योहार के मजा किरकिरा कर दिया।
शहर में प्रतिदिन तकरीबन साढ़े पांच सौ मिट्रिक टन कूड़ा निकलता है।
होली के कारण शुक्रवार और शनिवार को शहर में सफाई नहीं हुई सो दो दिन में सड़क, गलियों में एक हजार मिट्रिक टन से अधिक कूड़ा एकत्र हो चुका है। इसके अलावा बृहस्पतिवार को दोपहर बार अल्लापुर, चकिया, कटरा, राजापुर, ममफोर्डगंज, तेलियरगंज, बहादुरगंज, मुट्टीगंज, सम्मेलन मार्ग आदि स्थानों के डंपिंग ग्राउंड पर पहुंचा कूड़ा भी नहीं उठा। तीन दिन से डंपिंग ग्राउंड पर पड़े कूड़े से भीषण दुर्गंध उठने लगी है। इसकी वजह से आसपास रहने वालों के लिए मुसीबत बढ़ गई है।
आम दिनों में रविवार को सफाई कर्मियों की भी छुट्टी होती है लेकिन इस बार होली का दूसरा दिन शनिवार होने के कारण सफाई कर्मचारी छुट्टी पर रहे। ऐसे में उन्हें रविवार को काम पर बुलाया गया है। हालांकि होली की खुमारी के कारण सफाई कर्मचारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति बेहद मुश्किल है। शहर में पहले से ध्वस्त सफाई व्यवस्था दो दिन की छुट्टी में पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। ऐसे में शुक्रवार और शनिवार को सड़क, गलियों में फैला और एकत्र हुआ कूड़ा रविवार को पूरी तरह साफ होने की उम्मीद न के बराबर है। माना जा रहा है कि होली के कारण एकत्र कूड़ा साफ करने में करीब सप्ताह भर का समय लगेगा।
होली के हुड़दंग में दो दिन के भीतर 25 प्रतिशत अतिरिक्त पानी बह गया। रंगों का पर्व बिना पानी के पूरा नहीं हो सकता सो जलकल विभाग ने इसके लिए शुक्रवार और शनिवार को पूरे दिन जलापूर्ति जारी रखी। शहर में प्रतिदिन 309 एमएलडी पानी की आपूर्ति होती है। जलापूर्ति के लिए सुबह-शाम समय निर्धारित है लेकिन होली पर शुक्रवार और शनिवार को दोनों दिन सुबह से लेकर रात तक निर्बाध आपूर्ति की गई। इसकी वजह से दोनों दिन करीब 77-77 एमएलडी अतिरिक्त पानी की आपूर्ति की गई।