सात साल पुराने डीजल वाहनों के संचालन पर अब रोक लगने जा रही है। इसमें विक्रम, टेंपो-टैक्सी, आटोरिक्शा सभी शामिल हैं। ऐसे वाहनों के संचालन को तत्काल रोकने के लिए कमिश्नर राजन शुक्ला ने आदेश दिया है। मंडलायुक्त ने संभागीय परिवहन अधिकारी और ट्रैफिक पुलिस को प्रभावी चेकिंग अभियान चलाकर इसके खिलाफ कार्रवाई करने का निदेश दिया है। बुधवार को संबंधित अफसरों के साथ बैठक करते हुए उन्होंने ऐसे वाहनों को तुरंत सीज करने को कहा है।
शहर में जहर उगलते इन वाहनों से भारी मात्रा में प्रदूषण फैल रहा है। इनसे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में इन वाहनों पर नियंत्रण लगाने के लिए प्रशासन सख्त हो गया है। कमिश्नर राजन शुक्ला ने बैठक की और कहा कि जो टेंपो-टैक्सी, ऑटोरिक्शा, विक्रम डीजल वाहन सात साल से अधिक पुराने हैं और सड़कों पर दौड़ रहे हैं, उनके संचालन पर तुरंत पाबंदी लगा दी जाए। कहा कि उसी परमिट पर वाहन स्वामी को नया वाहन खरीदना होगा।
बैठक में संभागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि प्राईवेट वाहनों के अंतर्गत 15 वर्ष से ऊपर के वाहनों को प्रदूषण प्रमाण-पत्र दिए जाने के बाद ही उनका नवीनीकरण किए जाने का प्रावधान है। अधिक धुआं दे रहीं गाड़ियों की सख्ती से जांच की जाएगी। ऐसे गाड़ियों का चालान करके उनसे जुर्माना वसूला जाए साथ ही उनकी रिटेस्टिंग भी कराई जाएगी। बैठक में नगर आयुक्त शेषमणि पांडेय, संभागीय परिवहन अधिकारी ओपी सिंह, सीओ ट्रैफिक अल्का भटनागर आदि अधिकारी मौजूद रहे।