चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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हाईकोर्ट ने नोटबंदी के दौरान फर्जी खाता खोलकर छह करोड़ रुपये जमा करने के आरोपी पीएनबी मेरठ के शाखा प्रबंधक डीके गुप्ता की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि विवेचना रिपोर्ट पेश होने तक मैनेजर को गिरफ़्तार न किया जाए। कोर्ट ने मैनेजर को जांच एजेंसी सीबीआई को सहयोग करने का आदेश दिया है।
डीके गुप्ता ने गाजियाबाद में सीबीआई द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी को चुनौती दी है। याचिका पर न्यायमूर्ति विपिन सिन्हा और न्यायमूर्ति इफाकत अली खान की पीठ ने सुनवाई की। याची का कहना है कि वह निर्दोष है और उसे गलत फंसाया गया है। जब खाता खोला गया था उस समय बैंक पोर्टल पर वोटर आईडी कार्ड के मिलान की व्यवस्था नहीं थी। सरकार के वकील का कहना था कि मैनेजर ने खाता खोलते समय वोटर आईडी कार्ड और पते की जांच नहीं की। लेटर ऑफ थैक्स भी नहीं भेजा गया। खाते में छह करोड़ रुपये जमा करा लिए गए। कोर्ट ने प्राथमिकी रद्द करने से इंकार करते हुए विवेचना शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया है।