कड़ी सुरक्षा के बीच अधिवक्ता विजय मिश्र को कोर्ट में पे्श किया गया।
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उमेश की लोकेशन देने का आरोप
सूत्रों का कहना है कि विजय को जिन साक्ष्यों के आधार पर उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी बनाया गया है, उनमें से एक इस मामले में जेल में निरुद्ध अतीक के वकील रहे खान सौलत हनीफ का बयान भी है। तीन मई को खान सौलत हनीफ को धूमनगंज पुलिस ने कस्टडी रिमांड पर लिया था और इसी दौरान उसने अपने बयान में विजय मिश्र का नाम लिया था। सौलत ने आरोप लगाया था कि हत्या वाले दिन उमेश के कचहरी से निकलने की सूचना उसके सामने विजय ने अशरफ और असद को अपने फोन से इंटरनेट कॉल के जरिए दी थी। जबकि विजय ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया था।
विजय का अतीक से रहा बेहद करीबी नाता
विजय मिश्र मूलत: अतीक के भाई अशरफ के मुकदमे देखता था। कुछ मामलों में वह अतीक के भी कानूनी सलाहकार रहा और मुकदमों की पैरवी करता था। विजय मिश्र को अतीक का बेहद करीबी माना जाता रहा है। चर्चा यह तक थी कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद साबरमती जेल में बंद अतीक का जो ऑडियो वायरल हुआ था, उसमें बात विजय मिश्र से ही हो रही थी। इसमें दावा किया गया था कि उमेश पाल हत्याकांड अभी नहीं कराना चाहिए था, क्योंकि उस वक्त विधानसभा का सत्र चल रहा था।