आरोग्यम हॉस्पिटल, नैनी।
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नैनी स्थित आरोग्यम हॉस्पिटल में रटवाए उत्तर
अमित ने पूछताछ में अहम खुलासे किए। बताया कि वह गोमतीनगर में काॅमर्स की कोचिंग चलाता था। उसी दौरान दीपक दुबे निवासी बलिया के माध्यम से उसका संपर्क राजीव नयन से हुआ। उसने पुलिस भर्ती व आरओ/एआरओ भर्ती परीक्षा में पेपर आउट कराने की बात कहकर अभ्यर्थियों की व्यवस्था करने को बोला था। साथ ही यह भी कहा था कि सभी अभ्यर्थियों को लखनऊ और प्रयागराज में पेपर का उत्तर रटवा दिया जाएगा।
परीक्षा से पहले इन सभी से लाखों रुपये एडवांस में लिए गए। इसके बाद इन्हें दो अलग-अलग ग्रुपों में बांटा गया। एक ग्रुप के अभ्यर्थियों को औद्योगिक क्षेत्र स्थित आरोग्यम हॉस्पिटल में ले जाकर पेपर के उत्तर रटवाए गए। दूसरे ग्रुप के लड़कों को डॉ.शरद सिंह से संपर्क करने के लिए कहा गया। इसके बाद लखनऊ बुलाकर डॉ.शरद ने प्लासियो माॅल के पास अभ्यर्थियों को अपनी वरना व अन्य काराें में बैठाकर दो घंटे तक उत्तर रटवाए और परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया।
शरद ने 25 लाख में खरीदा था पेपर, प्रति अभ्यर्थी मांगे थे 15 लाख
अमित ने बताया कि डॉ.शरद ने भी राजीव नयन से आरओ/एआरओ भर्ती परीक्षा का पेपर 25 लाख में खरीदा था। डॉ.शरद को उसे प्रति अभ्यर्थी 15 लाख रुपये देने थे। इनमें से दो लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी परीक्षा से पहले एडवांस जमा करना था। यह भी बताया कि उसने भी 16 फरवरी को राजीव नयन को पांच लाख रुपये दिए थे। यह रकम उसने अपने चचेरे भाई विजय प्रताप सिंह निवासी पांडे चौरा, वैस पुरवा थाना करनैलगंज गोंडा से बात करके तत्काल जरूरत बताते हुए राजीव नयन के बताए खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कराए थे। शेष पैसा बाद में देने की बात तय हुई थी।
टीजीटी, सीटेट परीक्षा में भी की थी सेंधमारी
एसटीएफ के मुताबिक, अमित ने बताया कि उसने राजीव नयन के साथ मिलकर टीजीटी परीक्षा-2020/21 में भी सेंधमारी की थी। तब अभ्यर्थियों को पेपर रटवाने के लिए उसने राजीव नयन को 20 लाख भी दिए थे। इसके बाद तो फिर उसने कई भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की व्यवस्था की थी। यही नहीं वह केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) का पेपर आउट कराने के आरोप में भी जनवरी 2023 में मेरठ के थाना कंकरखेड़ा से जेल जा चुका है।
पेपर लीक प्रकरण के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। राजीव नयन की गिरफ्तारी के बाद इसके कारनामों का खुलासा हुआ तो इसकी धर पकड़ के लिए प्रयास और तेज कर दिए गए थे। यह कई दिनों तक ठिकाने बदलता रहा, लेकिन आखिरकार शिकंजे में आ गया।