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UP : आरओ-एआरओ पेपर लीक प्रकरण में सरगना राजीव नयन का साथी अमित सिंह गिरफ्तार, एसटीएफ ने दबोचा

Fri, 05 Apr 2024 05:50 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

गिरफ्तार अमित सिंह इस समय लखनऊ के इंदिरा भवन में रहता था। वह राजीव का बेहद करीबी है और उसके हर साजिश में उसका अहम योगदान रहता था। पुलिस अमित को कौशाम्बी के मंझनपुर थाने में रखा गया है। कुछ दिन पहले एसटीएफ ने राजीव नयन मिश्र को भी ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया था।
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अमित सिंह। आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रकरण का मास्टरमाइंड मेजा निवासी राजीव नयन मिश्रा ही निकला। उसने सिपाही भर्ती के साथ-साथ इस परीक्षा में भी सेंध लगाई। यही नहीं सिपाही भर्ती परीक्षा की तरह ही इसमें भी लखनऊ व प्रयागराज में बुलाकर अभ्यर्थियों को उत्तर रटवाए। इसका खुलासा शुक्रवार को तब हुआ, जब मास्टरमाइंड के गुर्गे अमित सिंह को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद एसटीएफ ने उसे कौशाम्बी पुलिस को सौंप दिया है। दोपहर बाद उसे जेल भेज दिया गया।

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अमित पुत्र शिवभूप सिंह वर्तमान में इंदिरा नगर, थाना-गाजीपुर, लखनऊ में रहता है, जबकि उसका मूल पता-पांडे चौरा, पूरे वैस पुरवा, थाना करनैलगंज, जनपद गोंडा है। एसटीएफ अफसरों ने बताया कि समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा-2023 का प्रश्न पत्र लीक होने के प्रकरण की जांच में जुटी एसटीएफ ने 15 मार्च को बर्खास्त सिपाही अरुण सिंह व स्कूल मैनेजर सौरभ शुक्ला को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ में राजीव नयन का नाम आया।

दो अप्रैल को एसटीएफ नोएडा ने राजीव नयन को गिरफ्तार किया, जिसने अपने सहयोगी अमित सिंह का नाम बताया। चार अप्रैल को अमित को पूछताछ के लिए बुलाया गया और सामने आए तथ्यों के आधार पर गिरफ्तार कर लिया गया।
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शरद ने 25 लाख में खरीदा था पेपर, प्रति अभ्यर्थी मांगे थे 15 लाख

एसटीएफ के मुताबिक, अमित ने बताया कि डॉ.शरद ने भी राजीव नयन से आरओ/एआरओ भर्ती परीक्षा का पेपर 25 लाख में खरीदा था। डॉ.शरद को उसे प्रति अभ्यर्थी 15 लाख रुपये देने थे। इनमें से दो लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी परीक्षा से पहले एडवांस जमा करना था। यह भी बताया कि उसने भी 16 फरवरी को राजीव नयन को पांच लाख रुपये दिए थे।

यह रकम उसने अपने चचेरे भाई विजय प्रताप सिंह निवासी पांडे चौरा, वैस पुरवा थाना करनैलगंज गोंडा से बात करके तत्काल जरूरत बताते हुए राजीव नयन के बताए खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कराए थे। शेष पैसा बाद में देने की बात तय हुई थी। अमित ने ही यह भी खुलासा किया कि पेपर लीक होने के बाद उसने प्रयागराज के एक हॉस्पिटल जबकि डॉ. शरद ने लखनऊ में परीक्षा से एक दिन पहले ही अभ्यर्थियों को उत्तर रटवाए थे।

टीजीटी, सीटेट परीक्षा में भी की थी सेंधमारी

एसटीएफ के मुताबिक, अमित ने बताया कि उसने राजीव नयन के साथ मिलकर टीजीटी परीक्षा-2020/21 में भी सेंधमारी की थी। तब अभ्यर्थियों को पेपर रटवाने के लिए उसने राजीव नयन को 20 लाख भी दिए थे। इसके बाद तो फिर उसने कई भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की व्यवस्था की थी। यही नहीं वह केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) का पेपर आउट कराने के आरोप में भी जनवरी 2023 में मेरठ के थाना कंकरखेड़ा से जेल जा चुका है।

आरोग्यम हॉस्पिटल, नैनी। - फोटो : अमर उजाला
नैनी स्थित आरोग्यम हॉस्पिटल में रटवाए उत्तर

अमित ने पूछताछ में अहम खुलासे किए। बताया कि वह गोमतीनगर में काॅमर्स की कोचिंग चलाता था। उसी दौरान दीपक दुबे निवासी बलिया के माध्यम से उसका संपर्क राजीव नयन से हुआ। उसने पुलिस भर्ती व आरओ/एआरओ भर्ती परीक्षा में पेपर आउट कराने की बात कहकर अभ्यर्थियों की व्यवस्था करने को बोला था। साथ ही यह भी कहा था कि सभी अभ्यर्थियों को लखनऊ और प्रयागराज में पेपर का उत्तर रटवा दिया जाएगा।

परीक्षा से पहले इन सभी से लाखों रुपये एडवांस में लिए गए। इसके बाद इन्हें दो अलग-अलग ग्रुपों में बांटा गया। एक ग्रुप के अभ्यर्थियों को औद्योगिक क्षेत्र स्थित आरोग्यम हॉस्पिटल में ले जाकर पेपर के उत्तर रटवाए गए। दूसरे ग्रुप के लड़कों को डॉ.शरद सिंह से संपर्क करने के लिए कहा गया। इसके बाद लखनऊ बुलाकर डॉ.शरद ने प्लासियो माॅल के पास अभ्यर्थियों को अपनी वरना व अन्य काराें में बैठाकर दो घंटे तक उत्तर रटवाए और परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया।

शरद ने 25 लाख में खरीदा था पेपर, प्रति अभ्यर्थी मांगे थे 15 लाख
 
अमित ने बताया कि डॉ.शरद ने भी राजीव नयन से आरओ/एआरओ भर्ती परीक्षा का पेपर 25 लाख में खरीदा था। डॉ.शरद को उसे प्रति अभ्यर्थी 15 लाख रुपये देने थे। इनमें से दो लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी परीक्षा से पहले एडवांस जमा करना था। यह भी बताया कि उसने भी 16 फरवरी को राजीव नयन को पांच लाख रुपये दिए थे। यह रकम उसने अपने चचेरे भाई विजय प्रताप सिंह निवासी पांडे चौरा, वैस पुरवा थाना करनैलगंज गोंडा से बात करके तत्काल जरूरत बताते हुए राजीव नयन के बताए खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कराए थे। शेष पैसा बाद में देने की बात तय हुई थी।
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टीजीटी, सीटेट परीक्षा में भी की थी सेंधमारी
 
एसटीएफ के मुताबिक, अमित ने बताया कि उसने राजीव नयन के साथ मिलकर टीजीटी परीक्षा-2020/21 में भी सेंधमारी की थी। तब अभ्यर्थियों को पेपर रटवाने के लिए उसने राजीव नयन को 20 लाख भी दिए थे। इसके बाद तो फिर उसने कई भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की व्यवस्था की थी। यही नहीं वह केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) का पेपर आउट कराने के आरोप में भी जनवरी 2023 में मेरठ के थाना कंकरखेड़ा से जेल जा चुका है।









पेपर लीक प्रकरण के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। राजीव नयन की गिरफ्तारी के बाद इसके कारनामों का खुलासा हुआ तो इसकी धर पकड़ के लिए प्रयास और तेज कर दिए गए थे। यह कई दिनों तक ठिकाने बदलता रहा, लेकिन आखिरकार शिकंजे में आ गया। 



 
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