पंच परमेश्वर की जांच में अग्रदास को इस मामले में दोषी पाए जाने के बाद सचिव पद से बर्खास्त किया जा चुका है। इनके साथ ही मुकामी महंत रघुमुनि और महंत दामोदर दास को भी अखाड़े से निष्कासित किया जा चुका है।
उदासी परंपरा के पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़े के सचिव और सहायक सचिव की नियुक्ति मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्थगन आदेश बरकरार रखा है। इस मामले की अगली सुनवाई छह नवंबर को नियत की गई है। इस मामले में सहायक रजिस्ट्रार सोसाइटी के आदेश के खिलाफ बड़ा उदासीन अखाड़े के सचिव व्यास मुनि ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।
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फिलहाल हाईकोर्ट की ओर से इस मामले में जारी किया गया स्थगन आदेश बरकरार है। इस स्थगन आदेश के अनुसार बड़ा उदासीन अखाड़े के सचिव पद पर महंत व्यास मुनि बने रहेंगे। इससे पहले बड़ा उदासीन अखाड़े के पंच परमेश्वर ने महंत रघुमुनि, तत्कालीन सचिव महंत अग्रदास और मुकामी महंत दामोदर दास को हरिद्वार में जमीन बेचने का दोषी पाया था। अग्रदास पर आपसी मिलीभगत से अखाड़े के पदाधिकारियों की बैठक कर जमीन सौदे की लीपापोती करने का आरोप है।
पंच परमेश्वर की जांच में अग्रदास को इस मामले में दोषी पाए जाने के बाद सचिव पद से बर्खास्त किया जा चुका है। इनके साथ ही मुकामी महंत रघुमुनि और महंत दामोदर दास को भी अखाड़े से निष्कासित किया जा चुका है। पंच परमेश्वर के प्रस्ताव पर हाल में ही हुई अखाड़ा परिषद की बैठक में महंत अग्रदास समेत तीनों संतों का महाकुंभ में बहिष्कार भी करने का निर्णय लिया जा चुका है। कहा जा रहा है कि फिलहाल कोर्ट के स्थगन आदेश तक अखाड़े के सचिव के पद पर महंत व्यासमुनि बने रहेंगे।