प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षाएं प्रयागराज, फतेहपुर, कौशाम्बी और प्रतापगढ़ के 392 केंद्रों में आयोजित की जा रहीं हैं। इस बार नकल पर निगरानी के लिए केंद्रों पर सीधे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से नजर रखी जा रही है, लेकिन शुरुआती तीन दिनों में तकरीबन 25 फीसदी परीक्षा केंद्रों के सीसीटीवी कैमरे बंद मिले, जिन्हें नोटिस जारी कर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
राज्य विवि के संघटक महाविद्यालयों की परीक्षाओं के लिए मंडल में कुल सवा चार लाख परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। 392 परीक्षा केंद्रों में से 275 स्वकेंद्र हैं। ऐसे में नकल की आशंका बढ़ गई है। इससे ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में हाईटेक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सीधी निगरानी की जा रही है। वार्षिक परीक्षाएं 20 मई को शुरू हुईं थी और दो दिनों में 80 परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े गए।
सूत्रों के मुताबिक कंट्रोल रूम से निगरानी के दौरान यह बात सामने आई कि तकरीबन 25 फीसदी केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में नहीं हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। परीक्षा नियंत्रक की ओर से ऐसे कॉलेजों के प्राचार्यों को पत्र जारी कर निर्देश दिए गए हैं कि इंटरनेट और पावर बैकअप व्यवस्था दुरुस्त रखें, ताकि मॉनीटरिंग में कोई व्यवधान उत्पन्न न होने पाए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसे कॉलेजों को नोटिस जारी कर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
तीसरे दिन शामिल हुए 1.88 परीक्षार्थी
राज्य विश्वविद्यालय एवं संघटक महाविद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं रविवार को भी आयोजित की गईं। एक पाली में परीक्षा का आयोजन किया गया। नई शिक्षा नीति के तहत बीए, बीएससी, बीकॉम प्रथम वर्ष की को-करिक्युलम के तहत आयोजित फूड न्यूट्रिशन एवं हाईजीन की परीक्षा ओएमआर शीट पर आधारित थी। इसमें 1.88 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए।