इलाहाबाद जिला न्यायालय ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के खिलाफ जारी वारंट को वापस ले लिया। अजय राय अपने भाई अवधेश राय की हत्या मामले में अभियोजन के गवाह हैं।
इलाहाबाद जिला न्यायालय ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के खिलाफ जारी वारंट को वापस ले लिया। अजय राय अपने भाई अवधेश राय की हत्या मामले में अभियोजन के गवाह हैं। उच्च न्यायालय के आदेश पर अवधेश राय हत्याकांड के मुल्जिम भीम सिंह और राकेश के मामले का विचारण इलाहाबाद की जिला अदालत में चल रहा है। हालांकि, मामले में वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा माफिया मुख्तार अंसारी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है।
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इलाहाबाद जिला न्यायालय की फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के विशेष न्यायाधीश विष्णु कुमार मिश्रा की अदालत में अवधेश राय हत्याकांड के सह-अभियुक्त भीम सिंह और राकेश न्यायिक के लंबित विचारण में गवाही लंबे समय से नहीं हो सकी थी। मामले में कोर्ट ने अभियोजन के गवाह अजय राय के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। इसके अनुपालन में कांग्रेस नेता अजय राय अदालत में गवाही के लिए हाजिर हुए थे।
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गुलाब चंद्र अग्रहरी ने बताया कि कांग्रेस नेता के खिलाफ जारी वारंट कोर्ट ने वापस ले लिया है, लेकिन गाजीपुर जेल में बंद मुल्जिम भीम सिंह और राकेश न्यायिक की ओर से हाजिरी माफी की अर्जी दिए जाने के कारण गवाही नहीं हो सकी। कोर्ट ने मामले में गवाही के लिए अगली तारीख 10 अक्तूबर नियत की है।