जैना के कमरे में सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें लिखा है कि मम्मा-अब्बू मुझे माफ करना। आप मुझसे बहुत प्यार करते थे। मैं भी आपसे प्यार करती हूं। मेरी मौत से जुड़ी सारी बातें जानने के लिए यह मेरी डायरी आप जरूर पढ़ लीजिएगा। मुझको प्यार करने, जानने और नफरत करने के लिए भी जरूरी है कि इस डायरी को पढ़ लीजिएगा। अपनी मौत के लिए मैं सिर्फ अपने स्कूल को जिम्मेदार ठहरा रही हूं।
सिर्फ और सिर्फ मेरा स्कूल ही इस घटना के लिए दोषी है। इस स्कूल को बंद कर देना चाहिए। वहां बहुत दबाव और तनाव है। एसएमसी राजनीति और मानसिक यंत्रणा का अड्डा बन चुका हैै। मैं अपने माता पिता को इसके लिए परेशानी में नहीं डालना चाहती...। आई लव यू मम्मा-अब्बू।
जैना के इस सुसाइड नोट के आधार पर सिविल लाइंस थाने की पुलिस ने प्रिंसिपल लिस्सी और क्लास टीचर शिखा को तलब किया है। जैना के पिता अरफत ने बताया कि उनकी बेटी अब वापस नहीं आएगी। लेकिन, मौत के लिए कॉलेज को ही उसने जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, अरफत और सूफिया ने इस घटना की तहरीर अभी तक पुलिस को नहीं दी है, लेकिन वह इंसाफ चाहते हैं। उधर, इस मामले में बिशप लुइस मस्करेनस से बात की गई तो उन्होंने इस घटना पर अपनी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
अभी तक परिजनों ने तहरीर नहीं दी है। छात्रा की मौत की घटना की जानकारी उन्हें मिली है। सुसाइड नोट मिलने और शिकायत के आधार पर इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
- राम आसरे यादव, प्रभारी निरीक्षक, सिविल लाइंस।
मौत से एक दिन पहले जैना को अभिभावकों के साथ कॉलेज बुलाया गया था
परिजनों के मुताबिक छात्रा की मौत से एक दिन पहले सुबह 6:12 बजे क्लास टीचर ने फोन कर जानकारी दी थी कि वह पढ़ाई में बहुत कमजोर है। अभिभावकों को जैना को लेकर 10:30 बजे कॉलेज आने के लिए कहा गया था। तब क्लास टीचर ने कहा था कि प्रिंसिपल मैम ने बुलाया है। इससे पहले पैरेंट्स मीटिंग के दौरान भी मां के सामने ही उसे जलील किए जाने की बात कही जा रही है।
इस मामले में मैं अभी किसी तरह की टिप्पणी नहीं कर सकता। छात्रा की मौत और उसके सुसाइड नोट की जानकारी मिली है। इस बारे में संस्थान को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। - फादर विपिन, प्रशासक