अब 50 फीसदी सदस्यों की मंजूरी पर ही अविश्वास प्रस्ताव
केपी ट्रस्ट की गवर्निंग कौंसिल ने नियमों में बदलाव करते हुए अब 50 फीसदी सदस्यों की हस्ताक्षर सहित मंजूरी या बैठक में एक तिहाई सदस्यों की उपस्थिति पर ही अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रावधान लागू कर दिया है। इससे पूर्व 10 फीसदी सदस्यों की मंजूरी पर अविश्वास प्रस्ताव पारित किए जाने का प्रावधान था।
गुजरात, महाराष्ट्र, एमपी में खुलेगी ट्रस्ट की शाखा
केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. सुशील सिन्हा ने बताया कि गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश (एमपी) से कायस्थ समाज के लोगों ने उनसे संपर्क किया है। वे अपने-अपने राज्यों में केपी ट्रस्ट की शाखा खोलना चाहते हैं। जल्द ही इस पर काम शुरू किया जाएगा।
डायग्नोस्टिक सेंटर में सदस्यों को 50 फीसदी की छूट
अध्यक्ष डॉ. सुशील सिन्हा ने बताया कि केपी ट्रस्ट का डायोग्नोस्टिक सेंटर बनकर तैयार हो चुका है। जल्द ही इसका संचालन शुरू किया जाएगा। इसमें सदस्यों को 50 फीसदी की छूट दी जाएगी। इसके लिए सदस्यों को मेरे या किसी पदाधिकारी के पास जाने की जरूरत नहीं। आईडी कार्ड दिखाने पर उन्हें यह लाभ प्रदान किया जाएगा। बैठक के दौरान ब्लड बैंक खोले जाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
‘कायस्थों को जोड़ने आया हूं, इसलिए टीपी सिंह की हुई वापसी’
केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. सुशील सिन्हा ने कहा, ‘कायस्थ पाठशाला में कायस्थों को जोड़ने आया हूं, इसलिए कार्यभार संभालने के बाद सबसे पहले पूर्व अध्यक्ष टीपी सिंह से जुड़े एक विवाद का निपटारा किया। उन्हें पाठशाला से 10 साल के लिए निष्कासित किया गया था, उस निर्णय को 14 फरवरी 2024 को मेरी अध्यक्षता में हुई बैठक में वापस लिया गया और टीपी सिंह की सदस्य पद पर बहाली हुई।
’ डॉ. सिन्हा ने कहा कि 31 मार्च 2024 को हुई बैठक में रमेश चंद्र श्रीवास्तव द्वारा प्रस्ताव पारित किया गया था कि पूर्व महामंत्री एसडी कौटिल्य और उनके सहयोगी कुलदीप नारायण श्रीवास्तव की सदस्यता समाप्त की जाए। डॉ. सिन्हा ने गवर्निंग कौंसिल से आग्रह किया कि दोनों की सदस्यता बरकरार रखी जाए।
विरोधी गुट ने की अलग बैठक, निर्णय मानने से इनकार
कायस्थ पाठशाला के अध्यक्ष डॉ. सुशील सिन्हा के विरोधी गुट के सदस्य ऑनलाइन बैठक में शामिल नहीं हुए और उन्होंने ऑनलाइन बैठक में लिए गए निर्णयों को भी मानने से इनकार किया। विरोधी गुट के सदस्यों ने केपी इंटर कॉलेज परिसर में अलग से बैठक की।
विरोधी गुट की ओर से कहा गया कि डॉ. सुशील सिन्हा के खिलाफ सदस्य प्रशांत श्रीवास्तव की ओर से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, जिसे रविवार को केपी कॉलेज में हुई बैठक में सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है। बैठक की अध्यक्षता दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने की। इसमें पूर्व अध्यक्ष चौधरी राघवेंद्र नाथ सिंह, पूर्व अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष कुमार नारायण समेत एसडी कौटिल्य, सुमित श्रीवास्तव, अजय कुमार श्रीवास्तव, हरिश्चंद्र श्रीवास्तव, रवि श्रीवास्तव, प्रशांत श्रीवास्तव, नीरज श्रीवास्तव, अखिलेश कुमार श्रीवास्तव, कुलदीप नारायण श्रीवास्तव, संचित निधि श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।