इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लापता युवक की खोज में नाकाम रहने और अदालत के बार-बार के निर्देश के बावजूद जवाब दाखिल न करने पर एसएसपी मेरठ को व्यक्तिगत रूप से तलब कर लिया है। कोर्ट ने उनको 19 फरवरी को अदालत में हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने को कहा है कि अदालत द्वारा बार-बार जानकारी मांगे जाने के बावजूद जानकारी क्यों नहीं उपलब्ध कराई गई। साथ ही यह भी बताने को कहा है कि लापता युवक की तलाश में पुलिस ने अब तक क्या कदम उठाए। मेरठ के मिर्चा सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज मिश्र और न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की पीठ ने दिया है।
याची के अधिवक्ता विवेक कुमार श्रीवास्तव और अयंक मिश्र का कहना था कि मिर्चा सिंह ने 27 फरवरी 2019 को मेरठ से हस्तिनापुर थाने में अपने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। याची का कहना है कि लगभग एक साल का समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने अब तक उसके बेटे की तलाश में कोई कदम नहीं उठाया। इसे लेकर उसने याचिका दाखिल की है।
कोर्ट ने सात दिसंबर 2019 और फिर 13 दिसंबर 2019 को आदेश जारी कर थानाध्यक्ष हस्तिनापुर से मामले की प्रगति रिपोर्ट देने को कहा था। इसके बावजूद मेरठ पुलिस की ओर से कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया। 28 जनवरी 2020 को सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने बताया की अदालत के निर्देशों की जानकारी होने के बावजूद मेरठ पुलिस ने अब तक कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए अदालत ने 19 फरवरी को एसएसपी को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है।