पता चला कि सारे लोग परीक्षा पास कराने वाले गिरोह से ताल्लुक रखते हैं। सरगना बिहार के नालंदा का रहने वाला विवेक कुमार साहू है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद सभी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। पुलिस ने बताया कि गिरोह के दानापुर पटना निवासी, मनु कुमार, रानीगंज प्रतापगढ़ निवासी विजय कुमार, नालंदा के राज, पटना के कुंदन कुमार, मनीष कुमार, वैशाली के गौलीधर और पटना के चंदन कुमार को पकड़ा गया है।
बृहस्पतिवार की रात जब पूछताछ शुरू हुई तो पता चला कि फर्जीवाड़ा सिर्फ परीक्षा केंद्र तक ही नहीं सीमित था। पकड़े गए मुन्ना भाइयों ने अपना नाम और पता भी फर्जी बताया है। पहले दो युवकों ने इस बात को स्वीकार किया, फिर बाकी सबने बताया कि उन्होंने नाम-पता गलत बताया है। फिर उन्होंने दूसरे नाम और पते बताए। तब तक लिखा पढ़ी हो चुकी थी। पुलिस ने उनकी दूसरी बात पर भी यकीन नहीं किया। इंस्पेक्टर के मुताबिक अब उनके नाम और पते की तस्दीक के लिए पुलिस टीम बिहार जाएगी। इसके बाद सभी के खिलाफ फर्जीवाड़े का एक और मुकदमा किया जाएगा।
आठों आरोपियों को भेजा जेल
पुलिस ने परीक्षा में सेंध लगाने वाले आठों आरोपियों को जेल भेज दिया। इनमें से प्रतापगढ़ का विजय कुमार अभ्यर्थी है, बाकी सभी साल्वर गिरोह के सदस्य हैं। उनके कुछ और साथियों के बारे में पता चला है। पुलिस तहकीकात में जुटी है।