कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की भर्तियों में आधार आधारित आवेदन की अनिवार्यता का असर दिखने लगा है। फर्जी व एक से अधिक बार आवेदन करने वालों की संख्या में बड़ी कमी आई है। संयुक्त स्नातक स्तर (सीजीएल) भर्ती परीक्षा-2025 में आवेदकों की संख्या में अप्रत्याशित तरीके से ढाई लाख से भी अधिक कम हुई है। आयोग की भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता के लिए कई कदम उठाए गए हैं। दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने की लगातार शिकायतें रहीं। इसके अलावा बड़ी संख्या में फर्जी आवेदन की भी शिकायतें रहीं। इसे देखते हुए आयोग ने अभ्यर्थियों के लिए आधार सर्टिफिकेशन अनिवार्य कर दिया है।
इसके बाद आवेदकों की संख्या में भी कमी आई है। इसका अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि सीजीएल-2024 में 881888 आवेदन आए थे। सीजीएल-2022 में 924110 प्रतियोगियों ने आवेदन किया था। वहीं, 2025 में 621918 प्रतियोगियों ने ही आवेदन किया। इससे पहले कोविड के दौरान 2019 से 2021 के बीच पांच लाख से कम आवेदन आए थे।
आवेदकों की संख्या में इस कमी के पीछे आधार सर्टिफिकेशन अनिवार्य करने को कारण माना जा रहा है। अफसरों का कहना है कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी एक से अधिक बार आवेदन कर देते थे पर आधार से लिंक होने से इस पर रोक लगी है। क्षेत्रीय अधिकारी डॉ.आशीष कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि आधार अनिवार्य करने से हर भर्ती में आवेदकों की संख्या में कमी आई है।
सीजीएल भर्ती में आवेदकों की संख्या
वर्ष संख्या
2019 490873
2020 465534
2021 497444
2022 924110
2023 661182
2024 881888
2025 621918