केंद्र सरकार हर साल ढाई करोड़ लोगों को रोजगार देने का दावा करती है तो प्रदेश सरकार भी युवाओं की सबसे बड़ी हितैषी है, लेकिन इन दावों की सच्चाई का अनुमान सिर्फ दो संस्थाओं की भर्तियों से लगाया जा सकता है। कर्मचारी चयन आयोग की ओर से एक साल में आयोजित नौ तरह की भर्तियों में एक करोड़ 77 लाख से भी अधिक प्रतियोगियों ने आवेदन किया। इसके अलावा इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सोनल (आईबीपीएस) की ओर जारी सूचना के अनुसार सत्र 2015-16 में हुई भर्तियों के लिए एक करोड़ 27 लाख आवेदन पहुंचे थे। यह संख्या सिर्फ आईबीपीएस की ओर से की गईं भर्तियों के आवेदकों की है। इसमें एसबीआई तथा अन्य बैंकों की ओर से खुद के स्तर पर आयोजित भर्ती परीक्षाओं के आवेदकों की संख्या शामिल नहीं है।
एसएससी की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार सत्र 2014-15 के अंतर्गत आयोग ने नौ तरह की भर्तियां की। इनके माध्यम से आयोग ने दो लाख 63 हजार 316 पदों पदों के लिए आवेदन मांगे। इन भर्तियों के लिए कुल एक करोड़ 77 लाख 90 हजार 619 प्रतियोगियों ने आवेदन किया। पिछले साल तो इससे कहीं आवेदन पहुंचे की बात कही जा रही है। इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल भर्ती के लिए ही 64 लाख से अधिक प्रतियोगियों ने आवेदन किया है। इनमें 17 लाख से अधिक आवेदक तो मध्य क्षेत्र के अंतर्गत उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के हैं।