बेली में 2300, कॉल्विन में 2200 व एसआरएन में 3800 मरीज देखे गए
सिर्फ मंगलवार की बात करें तो बेली में 2300, कॉल्विन में 2200 व एसआरएन अस्पताल में 3800 मरीज ओपीडी में देखे गए। इनमें इनमें 2023 नए मरीज व 1859 पुराने मरीज शामिल रहे। एसआरएन अस्पताल के मेडिसिन विभाग में सर्वाधिक 542 मरीज, ऑर्थोपेडिक्स में 373 मरीज, ईएनटी में 347 व त्वचा रोग विभाग में 340 मरीज देखे गए। इसके अलावा कार्डियोलॉजी में 236, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में 286, यूरोलॉजी में 220, सर्जरी में 217, न्यूरोलॉजी में 175, नेफ्रोलॉजी में 156 व मनोरोग विभाग में 144 मरीज देखे गए।
अधर में सुपरस्पेशलिस्ट ओपीडी
इसी साल कॉल्विन व बेली अस्पताल में सुपरस्पेशलिस्ट ओपीडी चलाने का प्रस्ताव कैंटोनमेंट बोर्ड के छावनी सामान्य अस्पताल की तरफ से रखा गया था। शासन की तरफ से मंजूरी भी मिल गई। ईएमयू साइन होने के बाद दोनों अस्पतालों में ओपीडी चैंबर भी बन गए, लेकिन संचालन अब तक शुरू नहीं हुआ।
एसआरएन अस्पताल में प्रयागराज के अलावा 13 अन्य जिलों के मरीजों का भी दबाव रहता है। न्यूरोलॉजी, ईएनटी, मेडिसिन, त्वचा रोग, टीबी चेस्ट व कुछ अन्य विभाग ऐसे हैं, जिन पर मरीजों का दबाव हमेशा रहता है। - डॉ. नीलम सिंह, प्रमुख अधीक्षक, एसआरएन अस्पताल।
चिकित्सकों के पद लंबे समय से रिक्त हैं। जिसके संबंध में कई बार शासन को पत्र लिखा गया है। हमारे यहां मेडिसिन, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स की ओपीडी में रोजाना 150 से 250 मरीज देखे जाते हैं। - डॉ. आरएस दुबे, प्रमुख अधीक्षक, कॉल्विन अस्पताल।
हमारे यहां चिकित्सकों के पद रिक्त होने के बाद एनएचएम के तहत चिकित्सक अलग-अलग विभागों की ओपीडी में लगाए गए हैं। मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। - डॉ. भावना शर्मा, सीएमएस, बेली अस्पताल।