प्रयागराज। जौनपुर की मुंगरा बादशाहपुर निवासी दिव्यांग मरीज हीरावती को खोजने में स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय प्रशासन दिनभर लगा रहा। खुद मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के नवनियुक्त प्राचार्य डॉ. वीके पांडेय अमर उजाला में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेने के बाद एसआरएन अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने तत्काल मरीज हीरावती के संबंध में जानकारी मांगी। इसके बाद एसआरएन अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीलम सिंह ने सभी विभागों के अध्यक्ष, कन्सल्टेंट से संपर्क करके मरीज के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने एमआरआई विभाग में भी मरीज के बारे में पूछताछ की।
एमआरआई विभाग में बताया गया कि इस नाम का कोई भी मरीज उनके यहां जांच कराने के लिए नहीं आया। इस दौरान बताया गया कि पूरे बिल्डिंग के वार्डों में भी हीरावती नाम से कोई भी मरीज भर्ती नहीं हुई। इस बीच हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आनंद कुमार ने बताया कि उनकी ओपीडी में इस नाम की एक मरीज आई थी। फिलहाल पूरे दिन खोजबीन के बाद मरीज के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
बता दें कि बुधवार को जौनपुर जिले की मुंगरा बादशाहपुर निवासी मरीज हीरावती को उनका बेटा राहुल स्ट्रेचर न मिलने की स्थिति में गोद में उठाकर अस्पताल परिसर में भटकता रहा। उस दौरान राहुल ने बताया था कि शनिवार को उसने अपनी मां हीरावती को पुरानी बिल्डिंग के वार्ड नम्बर दो में भर्ती किया था। इसके अलावा एमआरआई के लिए उसे भटकना पड़ा। वहीं स्ट्रेचर भी नहीं मिला।
फिलहाल प्राचार्य डॉ. वीके पांडेय ने पूरे अस्पताल प्रशासन को हिदायत दी है, कि इस प्रकार की लापरवाही भविष्य में सामने आई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मरीज को अस्पताल में मौजूद सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।