दिल्ली से इलाहाबाद के बीच चली बिना इंजन वाली टी-18 ट्रेन शनिवार सुबह 7:48 पर इलाहाबाद जंक्शन पहुंची। ट्रेन का आज स्पीड ट्रायल था। निर्धारित शेड्यूल के हिसाब से इसे सुबह 7:20 पर पहुंचना था।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक अलीगढ़ के निकट दाऊद खां पर ट्रेन को कुछ देर के लिए रोका गया था। इसी वजह से टी-18 सुबह 7:20 बजे जंक्शन नहीं पहुंच सकी। रेलवे अफसरों का कहना है कि इस सेमी हाई स्पीड ट्रेन का ट्रायल बेहतर रहा।
खास बात यह है कि दिल्ली से इस ट्रेन को लेकर इलाहाबाद मंडल के ड्राइवर ही लेकर आए थे। इलाहाबाद के गार्ड भी ट्रेन में मौजूद थे। मौजूदा समय में दिल्ली इलाहाबाद के बीच सिर्फ पटना और हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन ही ऐसी हैं जो 6 घंटे 45 मिनट का वक्त लेती है। जबकि टी-18 को यहां 6 घंटे 25 मिनट में पहुंचना था।
आज अपने उत्तर मध्य रेलवे के दूसरे और भारतीय रेलवे के चौथे ट्रायल में इस ट्रेन ने कुल 6 घंटे 53 मिनट का वक्त लिया। अब रेलवे बोर्ड ही डिसाइड करेगा कि इस ट्रेन का नियमित रूप से संचालन कब शुरू होगा। गौरतलब है देश में निर्मित पहली स्वदेशी टी-18 का संचालन दिल्ली से वाराणसी के बीच किए जाने की चर्चा पिछले कई दिनों से चल रही है।
दिल्ली से इलाहाबाद के बीच यह ट्रेन अधिकतम 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ही चली, जबकि यह ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से भी चल सकती है। 20 दिसंबर को आगरा मंडल में हुए ट्रायल के दौरान यह ट्रेन अधिकतम 181 किमी की रफ्तार पर भी दौड़ी थी।