ऐसे काम करेगा सेंसर
डॉ. पुनेठा ने बताया कि स्व-उर्जित सेंसर पाइजोइलेक्ट्रिक नैनो जनरेटर के रूप में कार्य करता है, जो पाइजोइलेक्ट्रिक प्रभाव के माध्यम से परिवेशीय यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत संकेतों में परिवर्तित करता है। उत्पन्न ऊर्जा सेंसर को सक्रिय रखती है, जिनसे यह सांस व पसीने में मौजूद वीओसी जैसे एसीटोन, एथेनॉल और अमोनिया का पता लगाता है, जो बीमारियों में पाए जाते हैं।
इनकी पहचान के लिए दस्ताने तैयार
1. अस्थमा
2. फेफड़ों का कैंसर
3. मधुमेह
4. लिवर की बीमारी
5: किडनी की बीमारी
6. कोविड
7. गैस्ट्रिक संक्रमण
8. हृदय संबंधी बीमारी