ऐसे ले सकते हैं एलएडीसी की मदद
जरूरतमंद व्यक्ति सीधा डीएलएसए में आवेदन कर सकता है। जेल में बंद व्यक्ति जेल अधीक्षक के माध्यम से विधिक सहायता फॉर्म भर कर आवेदन कर सकता है। जो पढ़े-लिखे कैदी नहीं हैं, उनके लिए एलएडीसी ने जेल में पैरा लीगल क्लीनिक की व्यवस्था भी की है।
हत्या के मामले में बिना वकील जेल में काट दिए 13 साल
प्रयागराज के थाना कर्नलगंज के प्रयाग स्टेशन रोड निवासी शिव कुमार गिरि ने हत्या के आरोप में 13 साल जेल में काट दिए। थाना कर्नलगंज में 12 जून 2012 को उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। तब से शिव कुमार जेल में बंद थे। इस मुकदमे के संबंध में आवेदन एलएडीसी को एक जून 2024 में मिला। एलएडीसी ने इस मामले में पैरवी की जिसमें आरोपी को कोर्ट ने 23 मई 2025 को दोषमुक्त कर दिया।
जेल में बिताने पड़े 16 साल
प्रयागराज के तेलियरगंज शिवकुटी निवासी अनीस उर्फ छोटे और मल्लाही टोला रसूलाबाद निवासी श्याम कुमार उर्फ श्यामू के खिलाफ वर्ष 2009 में शिवकुटी थाने में हत्या और आपराधिक षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज हुआ था। तब से दोनों जेल में बंद थे। इनकी पैरवी करने वाला कोई नहीं था। सात सितंबर 2023 को इस मामले की पैरवी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को जेलर ने आवेदन किया। वहां से इस मामले की पैरवी चीफ डिफेंस काउंसिल के पास आई। उन्होंने इस मामले की पैरवी की। इसके बाद कोर्ट ने दोनों को इस मामले में दोषमुक्त कर दिया।
न्याय केवल अमीरों के लिए नहीं होना चाहिए। हमारी कोशिश है कि हर कैदी अपनी बात अदालत तक पहुंचा सके। कई बार लोग मामूली मामलों में वर्षों तक जेल में बंद रहते हैं। हमारा प्रयास रहता है कि उन्हें न्याय मिल सके। - विकास गुप्ता, चीफ डिफेंस काउंसिल