फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj News : विधिक सहायता के अभाव में वर्षों काटी जेल... और फिर दोषमुक्त

Sun, 09 Nov 2025 06:00 PM IST
विनोद सिंह अमित तिवारी, प्रयागराज

सार

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के अंतर्गत कार्यरत लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) कैदियों और बंदियों को निशुल्क विधिक सहायता व परामर्श उपलब्ध करी रही है।
विज्ञापन
अदालत का आदेश - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के अंतर्गत कार्यरत लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) कैदियों और बंदियों को निशुल्क विधिक सहायता व परामर्श उपलब्ध करी रही है। कई ऐसे कैदी हैं जो विधिक सहायता के अभाव में एक दशक से अधिक समय तक जेल में रहने को मजबूर रहे, फिर एलएडीसी की मदद से दोषमुक्त साबित हुए।

विज्ञापन


कानूनी सहायता बचाव परामर्शदाता (एलएडीसी) उनके लिए उम्मीद की किरण है जो जेल में बंद हैं, लेकिन निजी वकील रखने का सामर्थ्य नहीं रखते हैं। ऐसे करीब 2500 से ज्यादा लोगों को पिछले दो वर्षों में एलएडीसी की ओर से विधिक सहायता मुहैया कराई गई है। इसमें कई ऐसे बंदी भी शामिल रहे जिन्हें बेगुनाही के बावजूद एक दशक से भी अधिक समय तक जेल में कैद रहना पड़ा। 27 जुलाई 2023 से काम कर रही एलएडीसी के प्रयासों से इन लोगों को सलाखों से आजादी मिली।

दरअसल, एलएडीसी के प्रतिनिधि नियमित रूप से जेल जाकर कैदियों से मिलते हैं, उनके केस की जानकारी जुटाते हैं और उन्हें कानूनी प्रक्रिया समझाते हैं। आवश्यकता होने पर अधिवक्ताओं के माध्यम से निशुल्क पैरवी करते हैं। एलएडीसी में एक चीफ डिफेंस काउंसिल और एक से अधिक डिप्टी काउंसिल व सहायक काउंसिल होते हैं जिनका उद्देश्य कमजोर वर्ग के लोगों को निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना है।

विज्ञापन

ऐसे ले सकते हैं एलएडीसी की मदद

जरूरतमंद व्यक्ति सीधा डीएलएसए में आवेदन कर सकता है। जेल में बंद व्यक्ति जेल अधीक्षक के माध्यम से विधिक सहायता फॉर्म भर कर आवेदन कर सकता है। जो पढ़े-लिखे कैदी नहीं हैं, उनके लिए एलएडीसी ने जेल में पैरा लीगल क्लीनिक की व्यवस्था भी की है।

हत्या के मामले में बिना वकील जेल में काट दिए 13 साल

प्रयागराज के थाना कर्नलगंज के प्रयाग स्टेशन रोड निवासी शिव कुमार गिरि ने हत्या के आरोप में 13 साल जेल में काट दिए। थाना कर्नलगंज में 12 जून 2012 को उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। तब से शिव कुमार जेल में बंद थे। इस मुकदमे के संबंध में आवेदन एलएडीसी को एक जून 2024 में मिला। एलएडीसी ने इस मामले में पैरवी की जिसमें आरोपी को कोर्ट ने 23 मई 2025 को दोषमुक्त कर दिया।
विज्ञापन

जेल में बिताने पड़े 16 साल

प्रयागराज के तेलियरगंज शिवकुटी निवासी अनीस उर्फ छोटे और मल्लाही टोला रसूलाबाद निवासी श्याम कुमार उर्फ श्यामू के खिलाफ वर्ष 2009 में शिवकुटी थाने में हत्या और आपराधिक षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज हुआ था। तब से दोनों जेल में बंद थे। इनकी पैरवी करने वाला कोई नहीं था। सात सितंबर 2023 को इस मामले की पैरवी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को जेलर ने आवेदन किया। वहां से इस मामले की पैरवी चीफ डिफेंस काउंसिल के पास आई। उन्होंने इस मामले की पैरवी की। इसके बाद कोर्ट ने दोनों को इस मामले में दोषमुक्त कर दिया।

न्याय केवल अमीरों के लिए नहीं होना चाहिए। हमारी कोशिश है कि हर कैदी अपनी बात अदालत तक पहुंचा सके। कई बार लोग मामूली मामलों में वर्षों तक जेल में बंद रहते हैं। हमारा प्रयास रहता है कि उन्हें न्याय मिल सके। - विकास गुप्ता, चीफ डिफेंस काउंसिल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें