कोर्ट ने सोनी देवी केस के शिकायत केस की अधिकारिता को न मानने के फैसले को सही नहीं माना और उठे विधि प्रश्न का जवाब देते हुए प्रकरण एकलपीठ को वापस कर दिया है। याचिका की सुनवाई 20 अक्तूबर को होगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि एससी एसटी एक्ट के अपराध पर धारा 156(3) के तहत दाखिल अर्जी को विशेष अदालत शिकायत (कंप्लेंट) केस मानकर कानूनी कार्रवाई कर सकती है। कोर्ट ने कहा कि यह आदेश सही नहीं है कि एससीएसटी एक्ट के अंतर्गत गठित विशेष अदालत को केवल एफ आईआर दर्ज कराने का अधिकार है। शिकायत केस कायम नहीं कर सकती।
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कोर्ट ने सोनी देवी केस के शिकायत केस की अधिकारिता को न मानने के फैसले को सही नहीं माना और उठे विधि प्रश्न का जवाब देते हुए प्रकरण एकलपीठ को वापस कर दिया है। याचिका की सुनवाई 20 अक्तूबर को होगी। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल तथा न्यायमूर्ति समित गोपाल की खंडपीठ ने नरेश कुमार वाल्मीकि सहित 83 याचिकाओं पर उठे विधि प्रश्न की एक साथ सुनवाई करते हुए दिया है।
कोर्ट के सामने सवाल था कि क्या विशेष अदालत को धारा 156(3)के तहत एफआईआर दर्ज करने की अर्जी को शिकायत केस दर्ज कर कार्रवाई करने का अधिकार है या नहीं। एकलपीठ का कहना था कि अदालत को शिकायत केस दर्ज करने का अधिकार नहीं है। उसे एफ आईआर दर्ज करने का आदेश देना चाहिए। किंतु कुछ ऐसे भी फैसले थे जिसमें विशेष अदालत को अर्जी को शिकायत के रूप में दर्ज कर कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया था। निर्णयों में मतैक्य न होने के कारण एकलपीठ ने प्रश्न खंडपीठ को संदर्भित किया था।