इलाहाबाद। करेली इलाके में सदियापुर में बुधवार दोपहर एक मकान में भड़की आग ने सारी गृहस्थी खाक कर दी। मकान में रखा सब कुछ जल गया। आग इस कदर भयावह थी कि प्लास्टर उखड़ गए और दीवारें दरक गईं। नगदी, गहने, फ्रिज, टीवी, बेड समेत सारा सामान नष्ट हो गया। आसपास के लोगों ने आग बुझाने की काफी कोशिश की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। दमकल की गाड़ी मौके तक जा ही नहीं सकी।
सदियापुर में दशरथ के घर में तीन कमरों में किराए पर रहने वाला रामजी निषाद नाविक है। परिवार में पत्नी अंजनी, बेटी वैशाली और तीन बेटे हैं। वह बुधवार सुबह काम पर चला गया। तीनों बेटे भी घर में नहीं थे। करीब ग्यारह बजे बेटी वैशाली के साथ अंजनी भी घर में ताला लगाकर उसके स्कूल चली गई। आधे घंटे लोगों ने घर से धुआं उठता देखा तो शोर मचाया। मकान मालिक दशरथ ने किसी तरह दरवाजा तोडा तो तीनों कमरे में रखे सारे सामान लपटों से घिरे थे।
आसपास के लोगों ने जुटकर आग बुझाने की कोशिश शुरू की। फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी गई। घर सड़क से दूर गली में होने की वजह से दमकल की गाड़ी वहां तक पहुंच ही नहीं सकी। लोगों ने करीब एक बजे तक आग पर जब काबू पाया तो घर में कुछ भी नहीं बचा था। तीनों कमरों में रखी आलमारियां, टीवी, फ्रिज, बेड, कपड़े, गहने, 20 हजार रुपये नगद, किचन में रखा सारा सामान समेत सब कुछ जलकर खाक में बदल गया था। नाकि की पत्नी अंजनी संगम तट पर कास्मेटिक्स की दुकान चलाती है।
एक कमरे में उसने करीब 50 हजार रुपये का माल भरा था। वह भी राख हो गया। अंजनी घर पहुंची तो तबाही का मंजर देख रोने-कलपने लगी। आग कैसे लगी? इस बारे में अंजनी से बात करने पर पता चला कि स्कूल के लिए निकलते समय बिजली गुल होने के कारण बेटी वैशाली दियासलाई की तीली सुलगाकर कपड़े खोज रही थी। अनुमान है कि तभी तीली से किसी कपड़े में आग लगी जिसने इस परिवार को बेघर कर दिया। स्थानीय पार्षद नंदा ने मौके पर जाकर आर्थिक मदद की।