इलाहाबाद (ब्यूरो)। पृथ्वी को सबसे अधिक नुकसान मानव ने पहुंचाया है। पहले में पेड़-पौधों, जल, वायु को देवता के रूप में माना जाता था, परंतु आज प्राकृतिक संसाधनों को उपभोग की वस्तु बना दिया गया है। यह बातें मुख्य विकास अधिकारी अटल कुमार राय ने जिला विज्ञान क्लब की ओर से इलाहाबाद संग्रहालय में आयोजित विश्व पृथ्वी दिवस पर आयोजित बाल विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने कहा कि बच्चों को जागरूक करना चाहिए ताकि पृथ्वी संरक्षण में उनकी रचनात्मक भूमिका सुनिश्चित हो सके।
संग्रहालय के निदेशक राजेश पुरोहित ने कहा कि प्राचीन काल में प्राकृतिक संपदा के संरक्षण के प्रति लोग अधिक संवेदनशील थे और जैसे-जैसे सभ्यता का विकास हुआ, प्राकृतिक संसाधनों के दोहन की रफ्तार तेज होती जा रही है। हमें भावी पीढ़ी को जागरूक करना होगा। नेहरू तारामंडल के प्रशासक पीके पांडेय ने कहा कि अब तक की जानकारी के अनुसार पृथ्वी ही केवल ऐसा ग्रह है जहां जीवन है, हमें पृथ्वी का संरक्षण करना होगा। कार्यक्रम में बायोवेद संस्थान के डॉ. बीके द्विवेदी, अपर जिला अर्थ संख्या अधिकारी डॉ. डीडी सिंह, आईईआरटी के डॉ. ओडी सिंह, शियाट्स के डीन एवं वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद डब्ल्यू रामटेके, प्रमोद कुमार मिश्र, मनीष यादव ने विचार व्यक्त किया। इस मौके पर समन्वयक डॉ. एसके सिंह ने गोष्ठी की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने भागीदारी की।
स्कूली बच्चों ने पृथ्वी दिवस पर पोस्टर एवं चार्ट पर धरती की भयावह स्थिति को उकेरने के साथ लोगों को जागरूक किया कि इसी रफ्तार से यदि प्राकृतिक संसाधनों का दोहन होता रहा तो हमारा अस्तित्व खत्म हो जाएगा। गंगागुरुकुल स्कूल में प्रधानाचार्या अल्पना डे ने बच्चों को धरती के संरक्षण की जानकारी देने के साथ, पौधों के संरक्षण एवं नए पौधे लगाने की सीख दी। पोस्टर प्रदर्शनी भी लगाई गई। विद्या वाहिनी में विश्व पृथ्वी दिवस पर पौध रोपण के साथ प्रदूषण से मुक्ति का संदेश दिया गया। इस दौरान जागरूकता रैली भी निकाली गई। कार्यक्रम में प्रधानाचार्या नंदिनी वर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग शािमल रहे।
सर्व युवा व्यापार मंडल की ओर से धरती को बचाने का संकल्प व्यक्त किया गया। इस दौरान पालीथिन का उपयोग नहीं करने के साथ भूदोहन कम करने और पौध रोपण का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में श्याम सुंदर पटेल, केके गुप्ता सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।