इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के आरोपी महोबा के निलंबित एसपी मणिलाल पाटीदार की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने पाटीदार की वह याचिका खारिज कर दी है, जिसमें उन्होंने गिरफ्तारी पर रोक लगाने तथा अपने विरुद्ध दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी। कोर्ट ने याची को अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल करने की छूट दी है।
यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर एवं न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने मणिलाल पाटीदार की याचिका पर दिया है। याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल चतुर्वेदी एवं इमरान उल्लाह और राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल व अपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम आशुतोष कुमार संड ने बहस की। कोर्ट ने दर्ज प्राथमिकी पर हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए एसपी महोबा को विवेचना में सहयोग करने को कहा है।
पाटीदार के खिलाफ ठेकेदार इंद्रमणि तिवारी ने छह लाख रुपये रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और एसपी द्वारा उसे परेशान किया जाने लगा। एक दिन इंद्रमणि की लाश कार में मिली। उसे गोली लगी थी। हत्या के आरोप में कोतवाली में 10 सितंबर 20 को एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामले की जांच एसआईटी ने की। जांच में हत्या के बजाय आत्महत्या का केस पाया गया। भ्रष्टाचार के आरोप में एसपी को निलंबित कर दिया गया है। एसपी ने आपराधिक मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।