केशव मौर्य के बयान पर भी पलटवार
सपा सांसद ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के उस बयान पर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने सपा को ‘सांपनाथ’, बसपा को ‘नागनाथ’ और कांग्रेस को ‘कालिया नाग’ बताया था। पटेल ने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य अक्सर अनाप-शनाप बयान देते हैं और उन्हें इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
उन्होंने भाजपा पर पिछड़े समाज के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। पटेल ने कहा कि भाजपा पिछड़े वर्ग के नेता के रूप में केशव मौर्य का राजनीतिक इस्तेमाल करती है, लेकिन पिछड़ा समाज अब भाजपा की नीतियों को समझ चुका है।
गठबंधन में सम्मान और बराबरी का मुद्दा
सपा सांसद के बयान में कांग्रेस के साथ गठबंधन के पुराने अनुभवों का भी हवाला दिया गया। सपा नेताओं की ओर से आरोप लगाया गया कि जरूरत पड़ने पर कांग्रेस ने सपा और क्षेत्रीय दलों का समर्थन लिया, लेकिन सीट बंटवारे के समय सहयोगियों की अपेक्षाओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया।
सपा की ओर से मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव का उदाहरण भी दिया गया, जहां पार्टी के मुताबिक टिकट बंटवारे के दौरान उसके प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस नेतृत्व से सीटों को लेकर बातचीत की थी, लेकिन उसे कोई सीट नहीं मिली।
सपा सांसद के बयान ने यूपी में आगामी गठबंधन की तस्वीर को लेकर नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल दोनों दलों के बीच सीटों का औपचारिक फार्मूला सामने नहीं आया है, लेकिन चुनाव से पहले ही सहयोगी दलों के बीच दावेदारी और राजनीतिक दबाव का दौर शुरू हो गया है।