इलाहाबाद (ब्यूरो)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मी कांत बाजपेयी ने पिछले दिनों वाराणसी में साधु-संतों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वाराणसी में हुआ लाठीचार्ज बहुसंख्यकों पर सीधा हमला है। यहां हुआ लाठीचार्ज प्रदेश की सत्ताधारी सपा सरकार के ताबूत पर लगी कील साबित होगा। भाजपा इसका हर स्तर पर विरोध करेगी।
एक निजी कार्य से इलाहाबाद आये भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि सपा सरकार कोर्ट के आदेश का हवाला देकर संतों पर लाठीचार्ज को सही ठहरा रही है। सरकार के अफसर कह रहे हैं कि प्रतिमा विसर्जन से गंगा प्रदूषित होगी, लेकिन बकरीद के मौके पर कटे जानवरों का जो खून नाले-नालियों से बहता हुआ गंगा तक गया, क्या उससे गंगा प्रदूषित नहीं हुई। सरकार इसका जवाब दे।
वाराणसी प्रशासन ने कोर्ट के आदेश के बावजूद भी वहां मूर्ति विसर्जन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। कानपुर में टेनरी का पानी गंगा में न जाए इसके लिए राज्य सरकार क्या कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष ने वाराणसी से डीएम और एसएसपी को निलंबित करने की भी मांग की। प्रदेश अध्यक्ष ने मुजफ्फरनगर दंगे पर जस्टिस विष्णु सहाय की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए। कहा कि उन्हें ऐसी खबर मिल रही है कि इस रिपोर्ट में बीजेपी नेताओं पर ही निशाना साधा गया है। जबकि दंगा कराने वाले सपा और बसपा के नेता हैं। इसके पूर्व पंचायत चुनाव को लेकर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वह इस चुनाव को गंभीरता से ले रही है।
हमारे पास खोने को कुछ भी नहीं है। इस चुनाव से पार्टी ग्रामीण क्षेत्र में अपनी ताकत और बढ़ाएगी। जिले में पंचायत चुनाव प्रत्याशियों में चल रही खींचतान के सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पार्टी ने जिन प्रत्याशियों को समर्थन दिया है कार्यकर्ता उनका पूरा सहयोग करें। अगर इसके बाद भी भाजपा का अन्य कोई नेता या कार्यकर्ता चुनाव लड़ता है उसे पार्टी से बाहर कर दिया जाएगा। कचरी पावर प्लांट को लेकर किसानों के आंदोलन के बारे में उन्होंने कहा कि अभी जिला कार्यकारिणी ने उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं दी है। इस बारे में वह स्थानीय नेताओं से बात करेंगे।