विधानसभा चुनाव फरवरी में होने की उम्मीद है। इस हिसाब से अब करीब ढाई माह का समय शेष रह गया है लेकिन समाजवादी पार्टी इलाहाबाद शहर उत्तरी से अपना प्रत्याशी अब तक तय नहीं कर सकी है। कांग्रेस से मौजूदा विधायक अनुग्रह नारायण सिंह ही मैदान में होंगे, यह भी तय है। बसपा ने संजय गोस्वामी का पत्ता काटकर कायस्थ पर दांव खेला और अमित श्रीवास्तव को प्रत्याशी घोषित कर दिया है, लेकिन सपा किसे मैदान में उतारेगी, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। वैसे शहर उत्तरी से मैदान में उतरने के लिए आठ नेताओं ने दावेदारी की है। इन नेताओं का लखनऊ में करीब तीन माह पहले साक्षात्कार भी हो चुका है। अब सपा मुख्यालय से सूची आने जारी होने का इंतजार किया जा रहा है। पार्टी के स्थानीय नेता इस बारे में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
शहर उत्तरी से जिन नेताओं ने चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है, उनमें पूर्व पार्षद कल्लू यादव, पूर्व पार्षद शिवा त्रिपाठी, पूर्व पार्षद एवं वर्तमान में सपा के जिला उपाध्यक्ष विनय कुशवाहा, पूर्व पार्षद एवं दो बार सपा के महानगर अध्यक्ष रहे केके श्रीवास्तव, सपा युवजन सभा के जिलाध्यक्ष संदीप यादव समेत छात्र नेता रहे समर बहादुर सिंह, राजकुमार पासी तथा नरेंद्र सिंह के नाम शामिल हैं। इन नेताओं द्वारा तय शुल्क जमा करने के बाद पार्टी मुख्यालय में इंटरव्यू हुआ, लेकिन करीब तीन माह बीत जाने के बावजूद अब तक प्रत्याशी का नाम न घोषित होने से कार्यकर्ता भी असमंजस में हैं, क्योंकि चुनाव अगर फरवरी में होता है तो उसमें अब काफी कम समय रह गया है।
वैसे शहर उत्तरी की भौगोलिक स्थिति पर गौर करें तो यहां तकरीबन 4.28 लाख मतदाताओं में सर्वाधिक ब्राह्मण और कायस्थ बिरादरी के हैं। इन दोनों जातियों के वोटरों की संख्या करीब दो लाख के आसपास है। एससी वोटरों की संख्या भी 60 हजार के करीब है, जबकि मुस्लिम वोटर तकरीबन 35 हजार और यादव वोटरों की संख्या करीब 30 हजार के आसपास है। ऐसे स्थिति में उत्तरी से प्रत्याशी कौन होगा, यह तय करना शायद पार्टी के लिए कठिन हो रहा है। वैसे माना जा रहा है कि अगली सूची में पार्टी शहर उत्तरी से प्रत्याशी की घोषणा कर सकती है।