टैगोर पब्लिक स्कूल अतरसुइया की कक्षा दस की छात्रा सौम्या दुबे एक दिन की थानेदार बनकर जब सिविल लाइंस की सड़कों पर निकलीं तो लोग दंग रह गए। करीब एक घंटे तक सुभाष चौराहे पर पुलिस अधिकारियों के साथ चेकिंग कराई। बिना हेलमेट वाले कई वाहन चालकों के चालान काटे गए। गलत साइड पर वाहन चलाने वाले युवक और युवतियों को चेतावनी देकर छोड़ा। थाना सिविल लाइंस में दो सिपाहियों का अवकाश भी मंजूर किया। एक दिन की एसओ बनने के दौरान सौम्या के चेहरे पर किसी भी तरह का तनाव नहीं था और न ही झिझक थी।
‘समाज सुधार को पुलिस की आवश्यकता’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वालीं सौम्या दुबे रविवार सुबह ठीक 11 बजे सिविल लाइंस थाने पहुंचीं। यहां उन्होंने सीओ विनीत जायसवाल के निर्देशन में थाना प्रभारी का दायित्व निभाया। थाने की कार्यप्रणाली से रूबरू हुईं। यहां एनसीआर एवं एफआईआर के अलावा 1090 वूमेंस पावर, डायल 100 की पीआरवी में पेट्रोलिंग, सीसीटीएनएस, आनलाइन एफआईआर की गहनता से जानकारी की। पुलिस के रैंक स्ट्रैक्चर, जीडी, कंट्रोल रूम, वायरलेस सैट, एचएस, थानों की दिवालों पर टंगी लिस्ट के बारे में जानकारी ली। डायल 100 सेवा सिस्टम की व्यवहारिकता को देखा। थाना परिसर के भ्रमण में लॉकअप कक्ष और आफिस परिसर और मेस का भ्रमण किया।
इस दौरान सौम्या दुबे ने कहा कि उनका सपना आईएएस बनने का रहा है लेकिन अब पुलिस सिस्टम को देखकर निर्णय लिया है कि आईपीएस बनने के लिए पूरी तरह से जुटूंगी। इनके अलावा शहर के 11 अन्य स्कूलों के 24 छात्र -छात्राओं को छह-छह के समूह में कैंट, कीड़गंज, मुट्ठीगंज और खुल्दाबाद थानों में पुलिस की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई।