विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत गिरा तो जिला प्रशासन की नींद टूटी। हालांकि अब पूरा ठीकरा बीएलओ (बूथ लेबल अफसर) के सिर फोड़ा जा रहा है। उपजिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी एसडीएम, एसीएम को पत्र जारी कर उन बीएलओ का नाम-पता समेत पूरा विवरण तलब कर लिया है, जिन्होंने फोटो युक्त मतदाता पर्ची का वितरण नहीं किया है। साथ ही यह जानकारी भी तलब की है कि कितने बीएलओ ने राजनीति से प्रेरित होकर या या दूसरे कारणों से वोटर लिस्ट पुनरीक्षण में गड़बड़ी की। अगर प्रशासन ने चुनाव से पहले ही यह काम कर लिया होता मतदान प्रतिशत में गिरावट न आती और अधिक से अधिक वोटरों की मतदान में भागीदारी सुनिश्चित होती।
इलाहाबाद में इस बार 54.13 फीसदी वोट पड़े, जो पिछले चुनाव से भी कम है। यह हालत तब है, जब मतदाता जागरूकता के लिए प्रशासन ने लाखों रुपये पानी की तरह बहाए। प्रशासन ने मतदाताओं को बूथ तक लाने का भरसक प्रयास किया लेकिन अफसर यह भूल गए कि वे मतदान के लिए जिनसे अपील कर रहे हैं, उनके नाम वोटर लिस्ट में दर्ज हैं या नहीं अथवा उन्हें वोटर आईकार्ड, वोटर पर्ची मिली कि नहीं। चुनाव से पूर्व हुई ऐसी तमाम गड़बड़ियों का नतीजा है कि मतदान प्रतिशत मुंह के बल गिरा। अब अफसरों की नींद टूटी है तो पता लगाया जा रहा है कि ऐसा क्यों हुआ।
उपजिला निर्वाचन अधिकारी महेंद्र कुमार राय ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों/ एसडीएम, एसीएम प्रथम, एसीएम द्वितीय और विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को पत्र जारी कर कहा है कि चुनाव से पूर्व कहा गया था कि फोटो युक्त वोटर पर्ची का वितरण शत प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए लेकिन कई जगह से शिकायतें मिली हैं कि बीएलओ ने पर्चियां नहीं बांटी हैं। उपजिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए है कि ऐसे बीएलओ को चिह्नित कर उनके खिलाफ तत्काल कर्तव्यों का उल्लंघन करने के लिए विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित की जाए। साथ ही उन्होंने ऐसे बीएलओ के बारे में 27 फरवरी को शाम चार बजे तक आख्या सहित पूरी रिपोर्ट मांगी है।
साथ ही निर्देश दिए हैं कि संबंधित अफसर वोटर लिस्ट पुनरीक्षण अवधि 2016-17 में राजनीति से प्रेरित या किसी अन्य कारण से किए गए अपमार्जनों के बारे में अपने स्तर से समीक्षा कर लें और जहां अनियमित एवं असामान्य रूप से वोटर लिस्ट में नाम काटे या जोड़े गए हैं, वहां बीएलओ को चिह्नित कर उनके नाम, पता, भाग संख्या सहित पूरी सूची तैयार कर लें। उपजिला निर्वाचन अधिकारी ने यह सूची और इसकी रिपोर्ट भी आख्या सहित 27 फरवरी को शाम चार बजे तक मांगी है।