इलाहाबाद। आत्मशुद्धि का दस दिवसीय महापर्व पर्यूषण शुक्रवार से हर्षोल्लास के साथ शुरू हो गया। शहर के विभिन्न जैन मंदिरों में जैन परंपरानुसार विधिविधान से पूजा अर्चना हुई। धर्म सभा में दस दिवसीय पर्व के पहले सोपान ‘उत्तम क्षमा’ के बारे में आचार्यों ने विस्तार से बताया।
दिगंबर जैन पंचायती सभा की ओर से जीरो रोड स्थित दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित धर्मसभा में प्रकाश चंद्र जैन शास्त्री ने कहा कि क्षमा करना सबसे बड़ा धर्म है। जीवन की विषमताओं और उत्तेजनाओं पर काबू पाकर सहज संतुलित बने रहेना ही उत्तम क्षमा है। जहां क्रोध तोड़ने का काम करता है वहीं क्षमा जोड़ने का काम करती है। उसके पहले भक्त संगीत के साथ पूजा अर्चना सोलह करण विधान आरंभ हुआ। सामूहिक अभिषेक के बाद अरुण जैन द्वारा शांतिधारा, आरती हुई। धर्म से संबंधित अंताक्षरी प्रतियोगिता आयोजित हुई विजेताओं को सभा की ओर पुरस्कृत भी किया गया। इस मौके पर राजेश कुमार जैन सहित बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग मौजूद रहे।
कर्नलगंज में सुमेरचंद्र दिगंबर जैन छात्रावास परिसर स्थित श्रीपार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पर्वराज पयूर्षण महोत्सव हर्षोल्लास के साथ शुरू हुआ। श्रीमंदिर जी जीर्णोद्धार समिति के सचिव अरुण जैन की देखरेख में अभिषेक, पूजा, अर्चना, आरती के बाद मंत्र वाचन एवं भक्ति सरिता भजन प्रतियोगिता हुई। जिसमें छह वर्ष से सोलह आयु वर्ग के बच्चों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर हरिबाबू जैन, अजीत जैन, रवींद्र कुमार जैन, रमेश जैन, अमरचंद्र जैन आदि उपस्थित रहे।