फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्रिया विज्ञान के सेलेबस में शामिल हो लाइफस्टाइड, योगा

Sat, 19 Sep 2015 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
इलाहाबाद। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रीतमदास प्रेक्षागृह में शुक्रवार से शुरू हुई ‘छठें यूपी-यूके एपीकॉन-2015‘ में क्रिया विज्ञान के विशेषज्ञों ने कई चिंताएं जताई तो सेलेबस में कई नए विषयों को शामिल करने की नसीहत दे डाली। यूपीकॉन की सचिव एवं केजीएमसी फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. सुनीता तिवारी और अध्यक्ष एवं बीएचयू फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. एसबी देशपांडे ने कहा कि ग्लोबलाइजेशन और तकनीकी के विकास के साथ क्रिया विज्ञान का महत्व और बढ़ गया है। इसमें लाइफस्टाइल, योगा जैसे विषयों को शामिल किए जाने की जरूरत है।
विज्ञापन


अध्यक्ष प्रो. एसबी देशपांडे ने एमसीआई को निशाने पर लिया। कहा कि लोगों की बदलती लाइफ स्टाइल से मोटापा, डायबिटीज, ब्लडप्रेशर जैसी क्रानिक बीमारियां तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं। ऐसे में क्रिया विज्ञान के विषयों के दायरे को बढ़ाकर मेडिकल छात्रों को नई जानकारियां देने की जरूरत है लेकिन मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया इसके अध्ययन के समय को कम करके डेढ़ साल की बजाय एक साल कर दिया। सचिव प्रो. सुनीता तिवारी ने एप्लाइड क्रिया विज्ञान के अध्ययन पर जोर दिया। कहा कि मेडिकल छात्रों को ‘प्रैक्टीकल बेस नॉलेज’ और ‘प्राब्लम बेस्ट लर्निंग’ दिया जाए तो आने वाले दिनों में बीमारियों के निदान को नई दिशा मिलेगी। प्रो. तिवारी ने उद्घाटन सत्र से पूर्व तकनीकी सत्र में अपनी बात रखी।

उन्होंने एक शोध रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पेट की चर्बी से होने वाली परेशानियों को बताया। कहा कि मोबाइल, कंप्यूटर, टेलीविजन जैसे तकनीकी संसाधनों से यह परेशानी और बढ़ती जा रही है। सुबह से चल रहे तकनीकी सत्र के बाद शाम को कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन चिकित्सा शिक्षा विभाग के महानिदेशक प्रो. वीएन त्रिपाठी ने किया। उन्होंने कहा कि  कार्यक्रम में कार्यक्रम के आयोजक डॉ. आरबी कमल ने रिपोर्ट रखी। कार्यक्रम में मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह, डॉ. पूनम गुप्ता, प्रो. केके दीपक, प्रो. मंगल सिंह, प्रो. पीसी सक्सेना आदि ने अपनी बात रखी।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें