प्रयागराज। सोरांव हत्याकांड में नामजद आरोपियों के साथ ही पुलिस ने आठ और ग्रामीणों को हिरासत में लिया है। उन सभी की कभी न कभी तिवारी परिवार से अनबन हुई थी। नामजद आरोपियों से भी पुलिस दिन भर पूछताछ करती रही। सभी से पूछताछ के बाद पुलिस इसी निष्कर्ष पर पहुंच रही है कि घटना पेशेवर अपराधियों ने अंजाम दी है। इस बात पर अंतिम मुहर तभी लगेगी जब अपराधी पकड़ लिए जाएं। तब तक किसी को क्लीन चिट नहीं दी जा सकती।
यूसुफपुर गांव मेें रहने वाले विजयशंकर तिवारी (55) के साथ ही उनके बेटे सोमदत्त्त उर्फ सोनू (32), बहू कामिनी उर्फ सोनी (28) व दो पौत्रों कान्हा (6) और कुंज (3) की चार जनवरी की रात बेरहमी से घर के भीतर सोते वक्त हत्या कर दी गई थी। मामले में नामजद कराए गए सच्चिदानंद, संपूर्णानंद, जीतेंद्र, ग्राम प्रधान प्रदीप सरोज, अंबुज, विकास को दो दिन पहले ही हिरासत में ले लिया था। मंगलवार को सातवें नामजद आरोपी सत्यम को भी हिरासत में ले लिया गया। जिसके बाद उससे भी पूछताछ की गई। बुधवार को भी सभी से पूछताछ की जाती रही।
एसपी गंगापार एनके सिंह ने बताया कि संदेह के घेरे में आए आठ ग्रामीणों से भी पूछताछ हुई है। उनसे कल भी पूछताछ होगी। दरअसल, इन लोगों की तिवारी परिवार से कभी न कभी झगड़ा हुआ है। घटना बड़ी है, इसलिए छोटे से छोटे झगड़े को भी चेक किया जा रहा है। ग्रामीण जो भी बात बताते हैं, उस पर पुलिस काम कर रही है। क्राइम ब्रांच के अलावा सोरांव, नवाबगंज और मऊआइमा थानों से भी दरोगा और सिपाहियों को खुलासे के लिए लगाया गया है। एसपी गंगापार ने बताया कि इन सबसे पूछताछ के बाद यही पता चलता है कि घटना को पेशेवर कातिलों और लुटेरों ने अंजाम दिया हो। उन्होंने बताया कि घटना बहुत बड़ी है, किसी को सिर्फ नामजदगी के आधार पर जेल नहीं भेजा जा सकता। उनकी काल डीटेल्स से लेकर छोटी छोटी बातें चेक की जा रही हैं। घटना वाली रात उनकी लोकेशन के बारे में एक नहीं कई लोगों से तहकीकात की जा रही है। सभी खुद को बेकुसूर बता रहे हैं।
बंजारों पर सबसे ज्यादा शक, पूरे जिले में की जा रही तलाश
प्रयागराज। सोरांव में पांच हत्याओं में पुलिस को सबसे ज्यादा शक बंजारों और घुमंतू गिरोहों पर है। क्राइम ब्रांच की टीमें पूरे जिले और आस पास के जिलों में भी संदिग्धों की तलाश कर रही हैं। गंगापार के तमाम सराफा व्यवसाइयों से भी पूछताछ की गई है। लोगों का कहना है कि बंजारे या घुमंतु गिरोह लूटपाट के बाद गहने तुरंत बेचते हैं। क्योंकि तलाशी में वे पकड़े जा सकते हैं। पुलिस ने अलग अलग थानों पर 50 से अधिक घुमंतुओं को पकड़ा है। उनसे पूछताछ की जा रही है। हाईवे पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं जिनकी फुटेज भी पुलिस खंगालने में जुटी है।