एक बेटे व बेटी की पहले ही मौत हो चुकी है। एक बेटा दिल्ली में रहता है, जबकि उपेंद्र व एक अन्य बेटे संग वह विष्णापुरी कॉलोनी में रहते थे। पुलिस के मुताबिक, परिजनों ने बताया कि रोज की तरह बुधवार सुबह भी पिता व भाई सो रहे थे।
धूमनगंज में रिटायर फ्लाइंग लेफ्टिनेंट के बेटे उपेंद्रनाथ सिंह(51) ने घर के भीतर आग लगाकर जान दे दी। गंभीर रूप से झुलसे हाल में सुबह उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां कुछ घंटों बाद उसने दम तोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक, मृतक मानसिक रूप से अस्वस्थ था। एयरफोर्स से सेवानिवृत्त दद्दन सिंह फ्लाइंग लेफ्टिनेंट थे। उनके चार बेटों में उपेंद्र तीसरे नंबर पर था। एक बेटे व बेटी की पहले ही मौत हो चुकी है। एक बेटा दिल्ली में रहता है, जबकि उपेंद्र व एक अन्य बेटे संग वह विष्णापुरी कॉलोनी में रहते थे। पुलिस के मुताबिक, परिजनों ने बताया कि रोज की तरह बुधवार सुबह भी पिता व भाई सो रहे थे।
विज्ञापन
जबकि उपेंद्र घर में आगे के कमरे में सो रहा था। अचानक कमरे से उसकी चीखने की आवाजें आने लगीं तो परिजनों की नींद टूटी। वह भागकर पहुंचे तो देखा कि कमरा भीतर से बंद था। किसी तरह दरवाजा खोला गया तो वह आग से घिरा हुआ मिला। किसी तरह आग को बुझाया गया लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुका था। परिजन उसे लेकर एसआरएन अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने हालत को देखते हुए उसे भर्ती कर लिया। यहां कुछ घंटों के इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। सूचना मिली तो पुलिस पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
धूमनगंज इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्य के मुताबिक, परिजनों ने बताया कि कमरा भीतर से बंद था और उसने अपने ऊपर केरोसिन छिड़ककर खुद को आग के हवाले कर दिया। यह भी बताया कि उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी। वह अविवाहित था।