कोर्ट ने चार्जशीट और केस कार्रवाई रद्द करने से किया इन्कार
कोर्ट ने कहा धारा 171 एच के तहत अपराध नहीं बनता। इसलिए धारा 188 के अंतर्गत जारी सम्मन आदेश अवैध है। धारा 171 एच का अपराध धारा 195 से बाधित है। जिसमें अधिकारी की शिकायत पर कंप्लेंट दाखिल की जा सकती है। पुलिस चार्जशीट पर मजिस्ट्रेट का संज्ञान लेना विधि सम्मत नहीं है। किंतु कोर्ट ने कहा यह नहीं कह सकते कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 133 का अपराध नहीं बनता है। इसलिए चार्जशीट व केस कार्यवाही रद्द नहीं की जा सकती। कोर्ट ने चार्जशीट व केस कार्यवाही रद्द करने से इन्कार कर दिया है।