हाईकोर्ट की सख्ती के बाद एसआरएन के कुछ और अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है, हालांकि अस्पताल प्रबंधन की ओर से सेवाओं में सुधार का दावा किया जा रहा है, लेकिन तीन लोगों के निलंबन और एक की सेवा समाप्ति के बाद भी व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है।
एसआरएन अस्पताल की बदहाली से नाराज प्रयागराज हाईकोर्ट ने न सिर्फ स्थानीय प्रबंधन को फटकार लगाई, बल्कि शासन से भी जवाब तलब किया है। मामले में एक जुलाई को प्रमुख सचिव को स्वास्थ्य सेवाओं के ब्योरे संग हाईकोर्ट में हाजिर होने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले शासन के निर्देश पर व्यवस्थाओं को चाक चाैबंद करने का प्रयास किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, शासन के निर्देश पर कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को चिह्नित किया जा रहा है, जिन पर जल्द ही गाज गिर सकती है। इससे पहले शनिवार को प्रमुख अधीक्षक ने साफ किया कि अगर कोई कर्मी लापरवाही करेगा तो उसके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी। वहीं, उप प्रधानाचार्य डॉ. मोहित जैन, अस्पताल का कार्यभार संभाल रहीं डॉ. नीलम व प्रमुख अधीक्षक सुबह ही पूरे अस्पताल के सभी विभागों व वार्डों के निरीक्षण करते रहे। साथ ही स्वास्थ्य सेवाएं चुस्त-दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
एसआरएन पुलिस चौकी में संपर्क करके किसी भी दलाल, एमआर व अन्य अराजक तत्वों के अस्पताल परिसर में प्रवेश पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।