दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर पर देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद सेकंड लेफ्टिनेंट प्रदीप सिंह पुंडीर (पीएस पुंडीर) का गृह जिला एक बार फिर गर्व और सम्मान से भर उठा है।
दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर पर देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद सेकंड लेफ्टिनेंट प्रदीप सिंह पुंडीर (पीएस पुंडीर) का गृह जिला एक बार फिर गर्व और सम्मान से भर उठा है। भारतीय सेना की ओर से सियाचिन युद्धक्षेत्र की पवित्र मिट्टी और एक विशेष प्रशस्ति पत्र ससम्मान उनके प्रयागराज के जीरोरोड स्थित आवास पर पहुंचाया गया।
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सेना के जवान अजय परिहार ने यह पावन मिट्टी और प्रशस्ति पत्र शहीद पुंडीर के छोटे भाई नीरज सिंह पुंडीर को सौंपा। यह भावुक पल न केवल परिजनों के लिए बल्कि पूरे शहर के लिए गर्व का विषय बन गया। यह सम्मान ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट के कर्नल प्रशांत कुमार और सब मेजर अम्बेश चौहान के माध्यम से भेजा गया।
उल्लेखनीय है कि 19 कुमाऊं रेजिमेंट के जांबाज युवा अधिकारी सेकंड लेफ्टिनेंट पीएस पुंडीर ने 29 मई 1984 को ऑपरेशन मेघदूत के दौरान सियाचिन की रणनीतिक चौकी पॉइंट 5965 पर तिरंगा फहराने के अभियान में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। लगभग 16,000 फीट की ऊंचाई पर आए एक भीषण बर्फीले तूफान में उन्होंने देश के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी थी।