स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बृहस्पतिवार देर रात गांजा तस्कर अमरजीत यादव उर्फ पहलवान को मिर्जापुर के पास से गिरफ्तार किया है। गोरखपुर के थाना हरपुर बुदहट गांव जबरैला निवासी आरोपी ओडिशा से डीसीएम में प्लास्टिक के खाली क्रेट के नीचे 439 किलोग्राम गांजा छिपाकर प्रयागराज ला रहा था।
आरोपी ने बताया कि जिले के होलागढ़ निवासी अभिषेक शुक्ला उर्फ गुरुजी के कहने पर वह गांजा लेने रायगढ़ पहुंचा था। वहीं, पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में गांजे की कीमत करीब 1.10 करोड़ रुपये आंकी है।
एसटीएफ प्रयागराज इकाई को सूचना मिली थी कि ओडिशा के रायगढ़ से गांजे की बड़ी खेप डीसीएम से सोनभद्र और मिर्जापुर के रास्ते प्रयागराज लाई जा रही है। एसटीएफ प्रयागराज की टीम ने मिर्जापुर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए मड़िहान क्षेत्र के पचोखरा-कासोपुर तिराहे के पास वाहन को रोककर तलाशी ली।
डीसीएम में ऊपर प्लास्टिक के खाली क्रेट रखे गए थे, उनके नीचे बोरियों में गांजा छिपा रखा था। पुलिस ने डीसीएम चालक और तस्कर अमरजीत को पकड़ा। उसके पास से फोन और नकदी मिली।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह लंबे समय से अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह के लिए काम कर रहा है। होलागढ़ निवासी अभिषेक शुक्ला के कहने पर वह डीसीएम लेकर गांजा लाने गया था।
एक खेप पहुंचाने पर मिलते थे एक लाख रुपये
आरोपी ने बताया कि गाजीपुर निवासी रजत सिंह और रायगढ़ निवासी शुभम सिंह ने वाहन में गांजा लोड कराया था। खेप सीधे प्रयागराज आनी थी। यहां इसे अभिषेक शुक्ला को देना था। एक खेप के सुरक्षित पहुंचने पर उसे एक लाख रुपये मिलते थे। वह पहले भी कई बार इसी तरह गांजे की खेप प्रयागराज पहुंचा चुका है।
अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी एसटीएफ
एसटीएफ प्रभारी जयप्रकाश राय ने बताया कि यह संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क है, इसके तार ओडिशा, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से जुड़े हैं। टीम प्रयागराज के सप्लायर, वाहन मालिक और गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश में जुट गई हैं। मामले में मिर्जापुर के मड़िहान थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।