इलाहाबाद को स्मार्ट बनाने की घोषणा के बाद विभिन्न विभागों की ओर से इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है। स्मार्ट सिटी में क्या-क्या हो सकता है, इसके लिए शुक्रवार को सरकिट हाउस में शहर के लोगों से रायमशविरा किया गया। केंद्रीय शहरी मंत्रालय में अपर सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की मौजूदगी में सांसद, विधायक, उद्योगों से जुड़े लोगों, ट्रिपलआईटी, एमएनएनआईटी के विशेषज्ञों, कला एवं संस्कृति क्षेत्र के लोगों ने स्मार्ट सिटी पर ढेरों सुझाव दिए। अपर सचिव ने लोगों से लिखित रूप से भी सुझाव तैयार कर कमिश्नर बीके सिंह को देने का अनुरोध किया। उन्होंने सुझाव मिलने के बाद प्लान और फिर आर्किटेक्ट केसाथ योजना और डीपीआर बनाने को कहा।
विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से स्मार्ट सिटी पर सुझाव लेने के पहले अपर सचिव श्री मिश्र ने स्मार्ट सिटी के बारे में विस्तार से चर्चा की। इसके पहले कमिश्नर ने विभिन्न विभागों की ओर से तैयार की गई योजना के बारे में विस्तार से बताया। नगर आयुक्त आरपी सिंह ने बार्सिलोना में स्मार्ट सिटी पर हुई कार्यशाला के बारे में बताया। शियाट्स के प्रो.आरबी लाल ने शहर के साथ गांव के विकास पर जोर दिया। कहा कि कई विकसित देशों में गांव और शहर में ज्यादा अंतर नहीं है। विकास ऐसा हो, जिससे शहर के साथ गांव में अत्याधुनिक सुुविधाएं हों। डॉ.जीएस दरबारी ने शहर के स्वभाव के हिसाब से विकास की बात की। उन्होंने रेलवे क्रासिंग पर आरओबी, सुगम यातायात के लिए फ्लाईओवर का सुझाव दिया। ट्रिपलआईटी के यूसी तिवारी ने उपलब्ध संसाधनों से स्मार्ट सिटी बनाने और पुराने शहर को व्यवस्थित करने पर चर्चा की।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने स्मार्ट सिटी में आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने पर बल दिया। कवि श्लेश गौतम एवं अतुल यदुवंशी ने साहित्य, कला, संस्कृति के लिहाज से इंटरनेशनल कल्चरल केंद्र बनाने की बात कही। नागरिक सुरक्षा कोर के अनिल गुप्ता ने स्मार्ट सिटी का कॉन्सेप्ट प्लान हर विभाग में लगाने का सुझाव दिया, ताकि लोग इसके बारे में जान सकें। सासंद प्रतिनिधि के रूप में पार्षद किरन जायसवाल ने स्मार्ट सिटी के पहले फाफामऊ, झूंसी, नैनी और बमरौली की ओर से शहर की सीमा के विस्तार का सुझाव दिया। आशीष गुप्ता ने फुटपाथ को अतिक्रमण से मुक्त कराने की बात की। पूर्व आईएएस श्रीराम यादव, रतन दीक्षित, डॉ.भाष्कर बनर्जी, डॉ.मधु चंद्रा, प्रो. मृदुला त्रिपाठी, डॉ.संतोष जैन, भाजपा महानगर अध्यक्ष शशि वार्ष्णेय, एडवोकेट बीबीएस चौहान, प्रमोद केसरवानी आदि ने स्मार्ट सिटी पर ढेरों सुझाव दिए। अपर सचिव ने इन सुझाव के आधार पर योजना बनाने का निर्देश दिया।
सांसद केशव प्रसाद मौर्य ने संगम को केंद्र बनाकर शहर के भीतर और बाहरी हिस्से के विकास और स्मार्ट सिटी में मेट्रो रेल का सुझाव दिया। सांसद श्यामा चरण गुप्त ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने के पहले ट्रायल के तौर पर वाराणसी से जाने वाले अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट को इलाहाबाद से चलाने का भी सुझाव दिया। संगम के नाते पर्यटन विकास, पुराने शहर का विकास, नैनी, झूंसी, फाफामऊ में आसानी से नक्शे पास करने, ताकि वहां विकास हो, इंडस्ट्रीयल जोन बनाकर टैक्स एग्ज्मटेड करने, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का सुझाव दिया। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने यातायात, जनसुविधा, रोजगार, पर्यटन की बेहतर सुविधा के लिए सुझाव दिए। गंगा पर पक्के घाट और स्लम एरिया खत्म करने की बात भी की।
विधायक गिरीश चंद्र पांडेय ने गंगापार, यमुना पार और दोआबा के विकास का मुद्दा उठाया। विधायक दीपक पटेल ने मेट्रो के बजाए मोनो रेल और जाम की समस्या से निपटने को फ्लाईओवर का सुझाव दिया। विधायक अनुग्रह नारायण सिंह ने कहा कि शहर तीन तरफ से नदी से घिरा है। विकास शहर के स्वभाव के हिसाब से होना चाहिए। विधायकों ने इसके लिए तमाम सुझाव भी दिए।
स्मार्ट सिटी के लिए तय हो पैरा मीटर
स्मार्ट सिटी के लिए पैरामीटर तय होने चाहिए। यह कहना है कि स्वामी चैतन्य का। कहा कि स्मार्ट सिटी के लिए थिंक टैंक की जरूरत है। स्मार्ट सिटी के नाम पर बार्सिलोना की तारीफ पर स्वामी चैतन्न ने आपत्ति की। कहा कि वहां युवा नशे की चपेट में हैं। इस पर अपर सचिव को हस्तक्षेप करना पड़ा। कहा कि बार्सिलोना की सिर्फ अच्छी पर ही विचार किया जाएगा। केंद्रीय शहरी मंत्रालय में अपर सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने कहा कि सोच स्पष्ट होने पर ही स्मार्ट सिटी रूप लेगी, क्योंकि स्मार्ट सिटी बड़े लोगों से नहीं बड़ी सोच से बनेगी। जो सोचे उसे धारातल पर लाएं। शहर हर तरीके के लोगों से बनता है। इसमें सबकी सहभागिता होनी चाहिए। हिन्दी शहर की आत्मा में बसा है। इसी के हिसाब से शहर का विकास हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सौ शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का सपना देखा है। सौ शहर कौन से होंगे, यह अभी तय नहीं लेकिन इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा हो गई है। योजनाएं बनाए अमेरिका हाथ पकड़ने को खड़ा है। कहा कि युवा गांव से शहर की ओर आ रहे हैं। यहां उन्हें रोजगार और मकान चाहिए। शहर को यह देना होगा।