ऐसे चल रहा नशे का कारोबार
पूछताछ में आरोपी ने बाराबंकी के रहने वाले एक अन्य तस्कर का नाम भी बताया है। पता चला कि आरोपी का मणिपुर और आसाम से कनेक्शन है। यहां से वह कच्चा माल लाकर स्मैक बनाते हैं। इसके बाद प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सप्लायरों से संपर्क कर स्मैक की तस्करी कराई जाती है। इसकी एवज में सप्लायर को 25 फीसदी तक कमीशन मिलता है।
प्रयागराज समेत अन्य जिलों में फैला नेटवर्क
एएनटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी का गोरखपुर, बलिया, वाराणसी, जौनपुर, बहराइच, कुशीनगर, आजमगढ़, गाजीपुर, मऊ समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में नशा तस्करी का नेटवर्क फैला हुआ है। आरोपी से पूछताछ में एएनटीएफ को दो सप्लायरों के नाम पता चले हैं। टीम इनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई है।
आरोपी खुद को बताता था अधिवक्ता
जांच में पता चला कि आरोपी सैय्यद मोहम्मद सिराज रब्बानी खुद को अधिवक्ता बताता था। यही नहीं, पुलिस से बचने के लिए ज्यादातर वह अधिवक्ता की ड्रेस में रहता था। आरोपी को टीम ने न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया है। आरोपी के कब्जे से स्मैक के अलावा 800 रुपये और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
इससे पहले भी पकड़ा गया था बाराबंकी का तस्कर
बता दें कि एएनटीएफ प्रयागराज ने दो मार्च 2025 को लखनऊ के ठाकुरगंज से बाराबंकी के ही मोहम्मद इरशाद को 1.20 करोड़ रुपये की स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। एएनटीएफ दोनों ही तस्कारों को आपस में जोड़कर भी देख रही है।