नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में कचहरी के पास चक्काजाम करते लोग।
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सड़क पर कुर्सी और मेज जलाकर किया विरोध
डीएम कार्यालय के सामने चैंबर हटाने से नाराज अधिवक्ताओं ने सुबह करीब 10 बजे चक्काजाम कर दिया। उन्होंने विरोध स्वरूप कुर्सी, मेज और स्टूल व अन्य सामान सड़क पर रखकर आग लगा दी। आरोप है कि कार्रवाई से चैंबर में रखी फाइलें, लाखों के स्टाम्प और लैपटाॅप गायब हैं। अधिवक्ताओं ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। ब्यूरो
जोन-तीन कार्यालय में तोड़फोड़
कलक्ट्रेट के सामने समेत निगम जोन-तीन कार्यालय के पास सड़क पर निर्माण भी हटाए गए। इसके विरोध में कुछ लोगों ने जोन कार्यालय में तोड़फोड की। इसमें खिड़की के शीशे टूट गए।
बंद रहा कलक्ट्रेट, कार्यालय में नहीं बैठे निगम के अधिकारी
कलक्ट्रेट के सामने चैंबर हटाने से अधिवक्ताओं में जबरदस्त नाराजगी रही। इससे तनाव बना रहा और पूरा इलाका छावनी में तब्दील रहा। विरोध को देखते हुए नगर निगम में भी अफसर अपने कक्ष में नहीं बैठे। निगम की कार्रवाई के बाद अधिवक्ताओं ने रास्ता रोक दिया। विरोध बढ़ता देख कलक्ट्रेट के सभी गेट बंद कर दिए गए। इससे कलक्ट्रेट परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित रहा। इससे अलग-अलग काम से पहुंचे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। विरोध को देखते हुए नगर निगम पर भी पुलिस तैनात रही। निगम ने रविवार रात हाईकोर्ट फ्लाईओवर के नीचे कार्रवाई की थी। इस दौरान प्रवर्तन टीम मेज-कुर्सी आदि सामान भी उठा ले गई थी। ऐसे में बुधवार भोर में कार्रवाई के बाद भी तनाव बना रहा। नगर आयुक्त तथा सभी अपर नगर आयुक्त अपने कक्ष में नहीं बैठे। हालांकि जन सुविधा केंद्र व अन्य कार्यालयों में सामान्य दिनों की तरह काम हुए।
चैंबर के लिए बनेगा बहुमंजिला भवन, पार्किंग की भी होगी व्यवस्था
कचहरी के अधिवक्ताओं के चैंबर के लिए बहुमंजिला भवन बनाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसमें भूमिगत व भूतल पर वाहनों के पार्किंग की भी व्यवस्था भी होगी। प्रशासन व अधिवक्ताओं के साथ बुधवार को बैठक में इस पर सहमति बनी। बुधवार तड़के कलक्ट्रेट के सामने से चैंबर आदि हटाने को लेकर अधिवक्ताओं में काफी विरोध रहा। नगर निगम के हाॅल में शाम को अफसरों और अधिवक्ताओं की बैठक हुई। अधिवक्ताओं ने चैंबर के लिए कचहरी के पास जगह मांगी। उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पार्किंग वाले स्थान पर अधिवक्ताओं के बैठने की व्यवस्था करने की बात कही।
अधिवक्ताओं ने वहीं भवन का निर्माण चैंबर बनाने के साथ पार्किंग की व्यवस्था करने की बात कही। इस पर सहमति बनी कि अधिवक्ताओं की ओर से इसका प्रस्ताव डीएम को दिया जाएगा। डीएम यह प्रस्ताव शासन में भेजेंगे। बैठक में इस पर भी सहमति बनी कि कलक्ट्रेट और आसपास के क्षेत्रों में अब कोई निर्माण नहीं होगा। अधिवक्ताओं ने कार्रवाई के दौरान चैंबर में रखे सामान उठा ले जाने की भी शिकायत की। इस पर डीएम ने आश्वस्त किया कि सभी सामान मिल जाएंगे। वहीं, नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा ने कहा कि अभी बहुत से सामान वहीं पड़े हैं। प्रवर्तन टीम जो सामान लेकर आई है, प्रक्रिया के तहत अधिवक्ता उसे निगम से ले जा सकते हैं।
वहीं, बुधवार देर शाम से कलक्ट्रेट के सामने से मलबा हटाने का काम भी शुरू हो गया। बैठक में कचहरी व आसपास के क्षेत्रों में नियमित सफाई की बात हुई। नगर आयुक्त ने कहा कि जहां कहीं ढक्कन, नालियां टूटी होंगी, उन्हें ठीक किया जाएगा। नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा का कहना है कि वार्ता काफी सकारात्मक रही। मल्टी लेवल बिल्डिंग का प्रस्ताव अधिवक्ताओं की तरह से आएगा, जिसे शासन को भेजा जाएगा। यह भी तय हुआ कि अब कोई नया निर्माण नहीं होगा। नगर आयुक्त ने कहा कि अन्य कई बिंदुओं पर सहमति बनी। उसके अनुसार जल्द सभी कार्य पूरे किए जाएंगे।
बैठक में जिला अधिवक्ता संघ के कार्यकारी अध्यक्ष बृजेश यादव, मंत्री बरूण कुमार सिंह, पूर्व अध्यक्ष शीतला प्रसाद मिश्र, उमाशंकर तिवारी, राकेश तिवारी, पूर्व मंत्री मनोज कुमार सिंह लोकेश, अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था अजय भारती शर्मा, डीसीपी अभिषेक भारती, एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा, अपर नगर आयुक्त दीपेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
कचहरी जाने वाले मार्ग पर चौतरफा रही बैरिकेडिंग, लोग परेशान
अधिवक्ताओं के विरोध को देखते हुए यातायात पुलिस ने कचहरी जाने वाले सभी मार्ग पर बैरिकेडिंग कर दी। वाहनों को कचहरी की तरफ जाने से रोक दिया गया। यह सिलसिला शाम पांच बजे तक चलता रहा। इसके बाद थोड़ी ढिलाई बरती गई। बैरिकेडिंग से स्थानीय लोगों को दिक्कत हुई। बुधवार सुबह निगम की टीम के साथ एसीपी कर्नलगंज राजीव यादव, थाना प्रभारी प्रदीप सिंह समेत अन्य कई थानों का पुलिस बल मौजूद रहा। चक्काजाम होते देख पुलिस ने लक्ष्मी चौराहा, कचहरी पेट्रोल पंप चौराहा, जहाज चौराहा और जगराम चौराहा समेत सभी मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी। यातायात प्रभारी अमित कुमार ने बताया, यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी, हालांकि, स्थानीय निवासियों को गुजरने दिया जा रहा था।