पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह ने केंद्र और प्रदेश सरकार को लिया निशाने पर
प्रयागराज। अमेरिकी राष्ट्रपति की अगवानी में की जा रही तैयारियों में जिस तरह से गुजरात में झुग्गी झोपड़ियों की तस्वीरें सामने आ रही हैं, उससे उनके गुजरात के विकास मॉडल की पोल खुल रही है। उक्त बातें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह ने कही। वह अशोक नगर स्थित एक रेस्टोरेंट में मीडिया से बात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पथ विक्रेताओं, पटरी दुकानदारों के लिए संचालित सम्मान योजना पर भी सरकार पर तंज कसे।
पूर्व विधायक ने केंद्र और प्रदेश सरकार को निशाने पर रखा। कहा कि गुजरात में बड़ी संख्या में झुग्गी झोपड़ियाें में ही लोग रह रहे हैं। केंद्र और प्रदेश में बीजेपी सरकार के होने के बावजूद वहां पर पीएम आवास योजना के तहत घर नहीं बनाए जा सके हैं। उन्होेंने शहर में अतिक्रमण के नाम पर गिराए जा रही झुग्गी झोपड़ियों पर भी सवाल उठाए। कहा कि यूपीए - वन में पथ विक्रेता अधिनियम लागू किया गया था। इसमें सड़क किनारे वेंडिंग जोन बनाकर दुकानें स्थापित करने की व्यवस्था करनी थी लेकिन बीएसपी, सपा सरकार में एक भी जगह पथ विक्रेताओं के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं की गई। कहा कि विधान सभा में मामला उठाया तो 641 दुकानदारों को ही स्थायी दुकानें आवंटित की जानकारी दी गई। जबकि, शहर में 14000 पथ विक्रेताओं ने आवेदन किया था उसमें से मात्र तीन सौ को ही स्थायी दुकान आवंटित की जा सकी।
उन्होंने कहा कि पटरी दुकानों के लिए चलाई गई सम्मान योजना, मलिन बस्तियों में रह रहे लोगों के लिए आवास की व्यवस्था न किए जाने, किसानों को खाद और कृषि यंत्रों पर दी जाने वाली सब्सिडी को कम करने पर भी सवाल उठाया। कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत सड़क चौड़ी हुई लेकिन जिनके घर गिराए गए उनको मुआवजा नहीं दिया गया।