प्रयागराज। केंद्र सरकार की घोषणा के बाद स्ट्रीट वेंडरों (पथ विक्रेताओं) को रोजगार के लिए दस-दस हजार रुपये का लोन दिया जाएगा। इसके लिए नगर निगम के डूडा में पंजीकरण अनिवार्य है। इस कार्य में फिलहाल सुस्ती है, जिससे योजना को लागू करने में दिक्कत है।
डूडा के सर्वे में करीब 14800 पथ विक्रेताओं का सर्वे कर लाल पर्ची दी गई है। इसके बाद स्ट्रीट वेंडरों को तीन सौ रुपये जमा कर पंजीकरण कराना था, जिसमें अधिकतर वेंडर चूके हैं। तीन साल में सिर्फ 1700 वेंडरों ने पंजीकरण कराया। इन्हें ही लॉक डाउन के दौरान वितरित आपदा राहत राशि के रूप में एक-एक हजार रुपये दिए गए अन्य योजना से वंचित हो गए।
नगर निगम ने अब सर्वे में चिह्नित सभी स्ट्रीट वेंडरों का पंजीकरण कराने का फैसला लिया है। नगर आयुक्त रवि रंजन के मुताबिक वेंडरों का पंजीकरण अब सभी पांच जोन कार्यालय में भी किया जाएगा। आधार, बैंक एकाउंट विवरण देने के साथ पंजीकरण किया जाएगा
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नगर आयुक्त ने बताया कि सभी स्ट्रीट वेंडरों को रोजगार के लिए दस-दस हजार रुपये ऋण दिया जाएगा। पंजीकरण होने के बाद क्षेत्रवार सूची तैयार की जाएगी। ऋण वितरण की योजना और नियमों की सभी को जानकारी दी जाएगी। कोशिश होगी कि एक महीने में पंजीकरण का कार्य पूरा कर लिया जाए।