शीशगढ़। आपत्तिजनक धार्मिक टिप्पणी को लेकर कस्बे में हुए बवाल के मामले में मंगलवार को पुलिस ने छठवीं एफआईआर दर्ज की। आठ और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। कस्बे में मंगलवार को पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों समुदायों के साथ बैठक भी की।
शुक्रवार रात कस्बे में आपत्तिजनक धार्मिक टिप्पणी को लेकर एक समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए थे। उन्होंने पहले थाना और फिर नाबालिग आरोपी का घर घेरकर प्रदर्शन किया। घर पर पथराव करने के साथ ही पुलिसकर्मियों पर भी हमला कर दिया। मामले में पांच एफआईआर पहले से दर्ज हैं। मंगलवार को एक और एफआईआर दर्ज की गई। आरोपी दिलदार, शहरयार, सलमान, निजाम, अम्मार, मो.कैफ, परवेज, तस्लीम को जेल भेज दिया।
कई और आरोपियों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। बवाल में शामिल ज्यादातर लोग घर छोड़कर फरार हो गए हैं। पुलिस ने कई घरों में दबिश दी मगर आरोपी घरों में नहीं मिले। इन लोगों की रिश्तेदारी भी पुलिस दबिश दे रही है।
कस्बे का माहौल भी धीमे-धीमे सामान्य होने लगा है। मंगलवार को कस्बे के ज्यादातर हिस्सों में दुकानें खुली नजर आईं। हालांकि, समुदाय विशेष के मोहल्लों में सन्नाटा पसरा रहा। पुलिस कार्रवाई के डर से लोग घरों से नहीं निकले। हिरासत में लिए गए आरोपियों की बवाल में संलिप्तता की जांच की जा रही है।
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जो हुआ गलती समझकर माफ कर दिया जाए
गिरधरपुर स्थित एक बैंक्वट हॉल में मंगलवार को शांति व्यवस्था को लेकर बैठक बुलाई गई। पहले यह बैठक नगर पंचायत के बरातघर पर होनी थी मगर एक पक्ष ने यहां जाने से इन्कार कर दिया। बैठक में एक समुदाय के कई लोग भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि जो हुआ उसे बच्चों की गलती मानकर माफ कर दिया जाना चाहिए। शीशगढ़ कस्बे की हमेशा हिंदू-मुस्लिम एकता को लेकर मिसाल दी जाती रही है।
सीओ डॉ. तेजवीर सिंह ने कहा कि अपराधियों को चिह्ति कर उनकी धरपकड़ जारी रहेगी। पुलिस किसी निर्दोष को जेल नहीं भेजेगी। उन्होंने दोनों वर्ग के लोगों से मिलजुल कर रहने की अपील की। बैठक में एसडीएम उदित पवार, भाजपा नेता राम प्रकाश गुप्ता, पूर्व चेयरमैन हाजी गुड्डू, प्रवेश देवल, राजकुमार वर्मा, प्रेमपाल सिंह, वसीम अकरम, सलाम शास्त्री, आफताब हाजी आदि मौजूद रहे।