छात्रा के दादा का कहना है कि अप्रैल में उनकी पौत्री को स्कूल जाते समय अगवा कर छेड़खानी की गई थी। इस संबंध में उन्होंने धूमनगंज थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया है। दादा का कहना है कि इस घटना के बाद से ही वह बेहद खौफजदा थी।
पूरामुफ्ती में शोहदों से खौफजदा नौवीं की एक छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी। छह महीने पहले उसे अगवा कर छेड़खानी की गई थी। दादा का आरोप है कि घटना के बाद से ही उसने स्कूल जाना ही नहीं बल्कि घर से निकलना भी छोड़ दिया था। मृतक छात्रा मुंडेरा स्थित स्कूल में पढ़ती थी। रविवार रात खाना खाने के बाद वह सोने चली गई और फांसी पर लटक गई। सुबह चार बजे के करीब परिजनों को जानकारी हुई तो कोहराम मच गया। उन्होंने उसे फंदे से उतारा लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
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छात्रा के दादा का कहना है कि अप्रैल में उनकी पौत्री को स्कूल जाते समय अगवा कर छेड़खानी की गई थी। इस संबंध में उन्होंने धूमनगंज थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया है। दादा का कहना है कि इस घटना के बाद से ही वह बेहद खौफजदा थी। बार-बार कहने के बाद भी स्कूल नहीं जा रही थी। घर से बाहर भी नहीं निकलती थी। घटना से वह मानसिक रूप से परेशान हो गई थी। मामले में पूरामुफ्ती एसओ उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
चार आरोपी गए थे जेल, दो जमानत पर
उधर धूमनगंज में दर्ज मामले के संबंध में इंस्पेक्टर राजेश मौर्य का कहना है कि तहरीर के आधार पर दो अज्ञात पर केस दर्ज किया गया था। छात्रा के बयान व विवेचना के आधार पर दो अन्य अभियुक्तों का नाम प्रकाश में लाकर कुल चार को जेल भेजा गया। इनमें से दो नाबालिग आरोपी जमानत पर हैं जबकि अन्य दो अभी जेल में ही हैं। किसी तरह की धमकी मिलने या अन्य तरह की शिकायत छात्रा या उसके परिजनों की ओर से नहीं मिली।