इसके अलावा नामांकन के बाद सपा पार्षदों और नेताओं के बीच लगातार बातचीत होती रही। इसी बीच आखिरी मिनटों में सपा उम्मीदवार नेम यादव ने नाम वापस ले लिया। इस तरह से शेष बचे छह प्रत्याशियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। चुनाव की पूरी प्रक्रिया महापौर गणेश केसरवानी के निर्देशन में पूरी हुई। परिणाम की घोषणा भी उन्होंने की। चुनाव के बाद महापौर और अन्य पार्षदों ने कार्यकारिणी के लिए चुने गए सदस्यों को बधाई दी। निर्विरोध निर्वाचन के लिए महापौर ने नेम यादव के साथ सपा नेताओं के प्रति भी आभार प्रकट किया।
नामांकन के बाद महापौर और नेम के बीच हुई बात
नामांकन के बाद महापौर गणेश केसरवानी और सपा उम्मीदवार नेम यादव के बीच काफी देर तक वार्ता हुई। इसके बाद से ही चर्चा शुरू हो गई थी कि नेम यादव नाम वापस लेंगे और सभी का निर्विरोध निर्वाचन हाेगा और हुआ भी यही। महापौर से वार्ता के बाद नेम यादव ने सपा नेताओं और पार्षदों से बात की। इसके बाद नाम वापस लेने की घोषणा की।
कार्यकारिणी में अब भाजपा के नौ सदस्य
नव निर्वाचित सदस्यों में राजू शुक्ला, रुद्रसेन जैसवाल, संजय पासवान, रिया केसरवानी और शिवनारायण यादव भाजपा के हैं। वहीं, कार्यकारिणी के छह अन्य सदस्यों में से चार ज्ञानेंद्र मिश्रा, सुनीता चोपड़ा, राम मिलन और गुलाब सिंह भाजपा के हैं। इस तरह से 12 सदस्यीय कार्यकारिणी में अब भाजपा के नौ सदस्य हो गए हैं। अभी तक कार्यकारिणी में भाजपा के आठ सदस्य थे, लेकिन शिवसेवक सिंह का कार्यकाल खत्म होने के बाद किसी अन्य निर्दलीय ने चुनाव नहीं लड़ा। वहीं, कार्यकारिणी में सपा के अब भी तीन सदस्य प्रेम शंकर, अब्दुल समद और नवनिर्वाचित रमीज हसन हैं। रमीज का सपा के अजय यादव की जगह चुनाव हुआ है। कांग्रेस के शहर अध्यक्ष फुजैल हाशमी, मुकुंद तिवारी, किशोर वार्ष्णेय आदि ने सपा के रमीज हसन की जीत पर खुशी जाहिर की और उन्हें बधाई दी।
भाजपा में जश्न, निर्वाचितों का हुआ स्वागत
नगर निगम कार्यकारिणी के चुनाव में प्रत्याशी बनाए गए सभी पांच सदस्यों के निर्विरोध निर्वाचन पर भाजपा में जश्न का माहौल है। सिविल लाइंस स्थित पार्टी कार्यालय में इनका स्वागत किया गया। महापौर ने इसे पार्टी की नीतियों की जीत बताई। कहा कि नगर निगम के इतिहास में यह भाजपा की ऐतिहासिक जीत हुई है। महापौर ने कहा कि शहर के विकास के लिए यह कार्यकारिणी पूरी तरह से समर्पित रहेगी। बधाई देने वालों में भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, सचेतक किरन जायसवाल, चुनाव के पर्यवेक्षक रहे कुंज बिहारी मिश्रा, रवि केसरवानी, सहायक आनंद सोनकर आदि शामिल रहे।
अब उपाध्यक्ष के लिए शुरू हुई दौड़
सुनीता दरबारी का कार्यकारिणी सदस्य के साथ उपाध्यक्ष का कार्यकाल भी समाप्त हो गया है। अब उनकी जगह नए उपाध्यक्ष का भी चुनाव होगा। चूंकि 12 सदस्यीय कार्यकारिणी में नौ सदस्य भाजपा के हैं। ऐसे में भाजपा का ही उपाध्यक्ष चुना जाना तय है। ऐसे में पार्टी के भीतर उपाध्यक्ष के लिए भी जोड़तोड़ शुरू हो गई है। खास यह कि अलग-अलग समीकरणों का हवाला देते हुए भाजपा के ज्यादातर सदस्य इस पद की दौड़ में शामिल हैं।