प्रयागराज की विधानसभावार फाइनल मतदाताओं की संख्या।
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विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत अंतिम वोटर लिस्ट में 3,29,420 नए मतदाताओं को जोड़ तो लिया गया, लेकिन इसके बाद भी तकरीबन आठ लाख नए मतदाताओं को जोड़े जाने की जरूरत है। ऐसे में एआईआर की प्रक्रिया भले ही पूरी हो गई हो, लेकिन वोटरों को जोड़ने का अभियान साल भर जारी रहेगा। जो लोग मतदाता बनने से वंचित रह गए हैं, वे अब भी फॉर्म-6 भरकर या ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से अपने नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकते हैं। निर्वाचन आयोग का मानना है कि आबादी के 60 फीसदी लोगों के नाम मतदाता सूची में होने चाहिए, लेकिन प्रयागराज में अनुमानित आबादी के तकरीबन 52 फीसदी लोगों के नाम ही मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं।
एसआईआर के दौरान अगर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कटे न होते तो वोटर लिस्ट संतुलित हो सकती थी, लेकिन अनुपस्थित, शिफ्टेड, डुप्लीकेट, मृतक (एएसडी) श्रेणी में चिह्नित किए गए 11 लाख 56 हजार 305 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटा गए गए। प्रशासनिक अभिलेखों में प्रयागराज की अनुमानित आबादी 74 लाख 46 हजार 963 है और ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मतदाताओं की संख्या अनुमानित आबादी की 47.48 फीसदी ही रह गई।वहीं, एसआईआर से पहले 27 अक्तूबर 2025 की वोटर लिस्ट में कुल 46 लाख 92 हजार 860 मतदाता शामिल थे, जो अनुमानित आबादी का 63 फीसदी था।
बड़ी संख्या में नाम कटने के बाद अभियान चलाकर नए मतदाताओं को जोड़ा गया, लेकिन नए वोटरों की संख्या उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ सकी और 3,29,420 नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाने के बाद अंतिम वोटर लिस्ट में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 38 लाख 65 हजार 975 तक ही पहुंची। अगर 27 अक्तूबर 2025 की वोटर लिस्ट से तुलना की जाए तो अंतिम वोटर लिस्ट में अब भी आठ लाख 26 हजार 885 मतदाताओं की कमी है, जो अनुमानित आबादी की 11.10 फीसदी है। एसआईआर के दौरान वोटर लिस्ट से अपात्रों के नाम तो बाहर कर दिए गए हैं, लेकिन अब छूटे हुए पात्रों को वोटर लिस्ट में शामिल करना भी प्रशासन के लिए चुनौती होगी।