पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा के आयोजन को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। परीक्षा टाले जाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने डेलीगेसी में हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की है। साथ ही अन्य राज्यों के लोक सेवा आयोग का उदाहरण प्रस्तुत करने हुए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अफसरों से मांग की है कि अभ्यर्थियों की मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाएगा।
अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की वह विज्ञप्ति वायरल की है, जिसमें अभ्यर्थियों की मांग पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाई है। पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा के अभ्यर्थियों का कहना है कि जब मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में नया पाठ्यक्रम लागू होने पर अभ्यर्थियों को सहानुभूति पूर्वक पर्याप्त समय दिया गया तो यूपीपीएससी इससे पीछे क्यों हट रहा है। यह अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है।
उत्तर प्रदेश में भी पहली बार मुख्य परीक्षा नए पाठ्यक्रम के आधार पर होने जा रही है। अभ्यर्थियों की मांग है कि मुख्य परीक्षा जुलाई के बाद आयोजित की जाएगी। 17 जून को परीक्षा कराना किसी भी दशा में उचित नहीं है। हस्ताक्षर अभियान के दौरान यह भी तय हुआ कि 27 मई को सभी अभ्यर्थी एक जगह इकट्ठा होकर मुख्यमंत्री को रक्त पत्र लिखेंगे। वहीं, सोमवार को एक टीम उपमुख्यमंत्री समेत अन्य कैबिनेट मंत्रियों से मुलाकात करने लखनऊ जाएंगी। हस्ताक्षर अभियान में भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष कौशल सिंह समेत हर्षवर्धन पाठक, बृजेश सिंह, प्रवीन सिंह, हिमांशु राय, धीरज सिंह, सतीश कुमार आदि शामिल रहे।