अपने गृहनगर इलाहाबाद से पहला चुनाव लड़ने वाले सिद्धार्थ नाथ सिंह के विजयी होने का एलान होते ही उनकी पत्नी डॉ.नीता सिंह के आंख में खुशी के आंसू छलक आए। सिद्धार्थ दूर से ही अपनी पत्नी की आंखों से आंसू गिरता देख रहे थे, लेकिन समर्थकों से घिरा होने की वजह से वे पत्नी के आंसू नहीं पोंछ सके। हालांकि यह काम उनके पुत्र सिद्धांत ने जरूर कर दिया, जो लंदन से इलाहाबाद सिर्फ इसलिए आए थे, ताकि पिता के चुनावी अभियान में वह प्रतिभाग कर सकें।
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह वर्ष 1997 से ही भाजपा में हैं। पार्टी के कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके सिद्धार्थ ने पहली बार इलाहाबाद से कोई चुनाव लड़ा। इसके पूर्व लोकसभा चुनाव में उनके चुनाव लड़ने की बात सामने आई थी। तब उन्हें फूलपुर संसदीय सीट से उम्मीदवार बनाए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में यहां से केशव प्रसाद मौर्य को उम्मीदवार बना दिया गया।
लाल बहादुर शास्त्री के नाती सिद्धार्थ नाथ सिंह के लिए पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने चुनावी प्रचार किया। पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने प्रचार के दौरान सिद्धार्थ नाथ को मुख्यमंत्री के रूप में पेश किया। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, वेंकैया नायडू, शाहनवाज हुसैन, राजीव प्रताप रूडी, स्मृति ईरानी, अनुप्रिया पटेल, कलराज मिश्र आदि मुख्य रूप से शामिल रहे। पश्चिमी विधानसभा सीट जीतने के बाद सोशल मीडिया में भी सिद्धार्थ नाथ सिंह को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग उनके समर्थकों ने की। उधर, जीत के बाद सिद्धार्थ नाथ ने शहर पश्चिम के सभी मतदाताओं को धन्यवाद देने के साथ होली की शुभकामनाएं दी हैं।