Prayagraj News : shuats
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तीन साल सात महीने में ही बना दिया एसो. प्रोफेसर
इसके अलावा एक खेल उनकी प्रोन्नति में भी हुआ। जानकारों का कहना है कि एसोसिएट प्रोफेसर पद पर तैनाती के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर या समकक्ष पर पर पांच साल कार्य का अनुभव होना चाहिए। हालांकि महज तीन वर्ष सात माह के अनुभव पर उन्हें एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर प्रोन्नति दे दी गई। दरअसल एसोसिएट प्रोफेसर पद पर नियुक्ति से पहले तक उन्होंने सितंबर 2003 से मार्च 2007 तक ही बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर शिक्षण कार्य किया था।
सात सालों में 41 लाख के सरकारी अनुदान का दुरुपयोग
सूत्रों का कहना है कि एसोसिएट प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति के साथ ही गवर्नमेंट पे रोल पर समायोजन किया गया। इसके परिणामस्वरूप मूल वेतन के रूप में उन्हें 41.49 लाख रुपये का भुगतान किया गया। नियुक्ति अनियमित होने के चलते इस भुगतान को सरकारी अनुदान का दुरुपयोग माना गया, जिसकी रिकवरी के लिए भी शुआट्स प्रबंधन को लिखा गया था। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।