मीडिया से बातचीत करते सपा नेता अतीक अहमद
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शुआट्स प्राक्टर की ओर से सुरक्षा को लेकर कोर्ट में दायर याचिका एवं आवेदन को वापस लेने क े प्रकरण में हाईकोर्ट गंभीर है। कोर्ट ने कहा है कि प्राक्टर आवेदन वापस लेेते है तो अदालत इस मामले को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार करके आदेश जारी करेगी। प्राक्टर रामकिशन सिंह अब अपनी याचिका वापस लेना चाहते हैं। उन्होंने हाईकोर्ट के समक्ष अर्जी दाखिल की है, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा है कि सांसदों और विधायकों के मामले जल्दी निस्तारित करने का सुप्रीमकोर्ट का आदेश है। इसके अलावा सर्वोच्च अदालत का यह भी कहना है कि एक के बाद दूसरा अपराध करने वालों को जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
शुआट्स मामले में पूर्व सांसद अतीक अहमद आरोपी हैं। अतीक की ओर से भी हलफनामा दाखिल कर कहा गया है कि हाईकोर्ट की ओर से मॉनिटरिंग करने से उनको परेशानी हो रही है। अपर शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि सभी 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बरामद हथियारों की बैलेस्टिक रिपोर्ट मांगी गई है। मामले की सुनवाई कर रही मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने विवेचनाधिकारी से रिपोर्ट पेश करने को 13 अप्रैल नियत की है ।
उल्लेखनीय है कि पूर्व सांसद अतीक पर 83 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से 18 जघन्य आपराधिक श्रेणी के हैं।
शुआट्स मामले में प्राक्टर की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्रदेश सरकार से पूछा था कि एक व्यक्ति (अतीक अहमद) एक के बाद दूसरा अपराध कर रहा है और हर बार जमानत पर रिहा हो जाता है तो उसकी जमानत निरस्त कराने का प्रयास क्यों नहीं किया गया। कोर्ट ने शुआट्स मामले में भी अतीक को गिरफ्तार नहीं करने पर कड़ी नाराजगी जताई थी। इसके बाद पुलिस ने अतीक को न सिर्फ जेल भेजा, बल्कि उनके खिलाफ दर्ज तमाम मुकदमों में जमानत निरस्त करने की अर्जी भी दाखिल कर दी है।